बहुजन समाज पार्टी ने अमरोहा से सांसद दानिश अली को पार्टी से निलंबित कर दिया है। इसके पीछे पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होना बताया है। अमरोहा से सांसद दानिश अली मूल रूप से हापुड़ के रहने वाले हैं। उनके दादा महमूद अली विधायक और फिर 1977 में हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद रहे।
अमरोहा से पहली बार सांसद बनने के बाद से ही दानिश अली चर्चाओं में रहे हैं। भले ही कुंवर दानिश अली अमरोहा लोकसभा क्षेत्र के रहने वाले हैं लेकिन उनकी विधानसभा गढ़ मुक्तेश्वर में पड़ती है। अमरोहा में 2019 में दानिश अली ने गठबंधन से चुनाव लड़ा और भाजपा के पूर्व सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर को हराकर संसद पहुंचे।
लोकसभा में भाजपा सांसद रमेश बिधुड़ी के आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद पूरा विपक्ष बसपा सांसद दानिश अली के समर्थन में उतर आया था। इसके बाद राहुल गांधी ने दानिश अली मुलाकात थी। तभी से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया था। राहुल गांधी और बसपा सांसद के इस मुलाकात का पता चला तो राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।
बता दें कि वर्ष 2019 में बसपा के दानिश अली ने अमरोहा से पहली बार चुनाव लड़ा। हालांकि, बाद में सपा और रालोद से गठबंधन होते ही अमरोहा के राजनीतिक समीकरण बदल गए। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी कंवर सिंह तंवर भी भारी मतों से हराया था।
जिसके बाद वह अमरोहा के मुस्लिम और दलितों के लिए नया चेहरा बनकर सामने आए। अब बसपा से निलंबित होने के बाद राजनीतिक गलियारों में फिर से तमाम कयास लगाए जा रहे हैं।
अमरोहा सांसद कुंवर दानिश अली ने संसद में हुई घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा था कि हम नफरत का सामना मोहब्बत से करेंगे। लोकतंत्र के मंदिर में गंदी भाषा बोलना हमारे संस्कार में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हम नफरत का मुकाबला प्यार से करेंगे। हम लोग महात्मा गांधी, बाबा साहेब आंबेडकर और मौलाना अबुल कलाम आजाद के अनुयायी हैं। हम अहिंसा और सांवैधानिक व्यवस्था में विश्वास रखते हैं।