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Amroha News: सरकारी से ज्यादा निजी अस्पतालों में हो रहे प्रसव, व्यवस्था पर सवाल

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अमरोहा। जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रोत्साहन राशि देने के बावजूद जिले में सरकारी अस्पतालों की अपेक्षा निजी अस्पतालों में प्रसव अधिक हो रहे हैं। सितंबर में सरकारी अस्पतालों में 1529 महिलाओं ने प्रसव कराया, जबकि निजी अस्पतालों में यह संख्या 2418 रही। दोनों के बीच 889 प्रसव का अंतर स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों पर सवाल खड़े कर रहा है।
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योजना के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 और शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रुपये दिए जाते हैं। आशा कार्यकर्ताओं को ग्रामीण क्षेत्र में 600 और शहरी क्षेत्र में 400 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है।
सितंबर में जिला अस्पताल में 198, अमरोहा सीएचसी में 225, धनौरा में 125, गजरौला में 221, हसनपुर में 261, रहरा में 296 और जोया सीएचसी में 203 प्रसव हुए। वहीं, निजी अस्पतालों में अमरोहा क्षेत्र में 389, धनौरा में 153, गजरौला में 310, हसनपुर में 261 और जोया क्षेत्र में 701 प्रसव दर्ज किए गए। खासकर जोया क्षेत्र में निजी अस्पतालों में प्रसव की संख्या सरकारी केंद्रों से काफी अधिक रही।
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योजना का उद्देश्य संस्थागत प्रसव बढ़ाकर जच्चा-बच्चा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं, चिकित्सकों की उपलब्धता, प्रसव के दौरान देखभाल और जागरूकता के प्रयासों की समीक्षा जरूरी है। केवल प्रोत्साहन राशि से लक्ष्य हासिल नहीं होगा, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर महिलाओं का भरोसा बढ़ाना भी जरूरी है।
सीएमओ डॉ. रमाकांत सागर का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में पहले की अपेक्षा प्रसव कराने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। महिलाओं को इसके लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. रमाकांत सागर का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में पहले की अपेक्षा प्रसव कराने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। महिलाओं को इसके लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।
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