गर्मी हर रोज रिकॉर्ड तोड़ रही है। जून माह के पहले सप्ताह में उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। पहला सोमवार सबसे ज्यादा गर्म रहा। पारा 42 डिग्री के पार पहुंच गया। झुलसाने वाली लू की वजह से लोग दोपहर में बाजारों में नहीं निकले। दोपहर शहर की कई प्रमुख सड़कों पर कर्फ्यू जैसा नजारा रहा। धूप की तपिश के चलते राहगीर बेहाल रहे।
सोमवार को जैसे-जैसे सूरज चढ़ने लगा, वैैसे- वैसे गर्मी का सितम बढ़ता गया। गर्म हवा ने आग में घी का काम किया। दस बजते-बजते सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया। नीचे सड़कें तप रही थी तो ऊपर आसमान से आग बरस रही थी। तपिश के साथ उमस भरी गर्मी के चलते तापमान में एकदम उछाल आ गया। अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चिलचिलाती धूप और गर्मी से सबसे ज्यादा परेशानी सड़कों पर निकले राहगीरों को हुई। लोग धूप से बचाव के लिए छाता लेकर निकले।
तपती दोपहरी में लोगों ने जरूरी काम से भी बाहर निकलने से परहेज किया। ज्यादातर लोग घरों में दुबके रहे। बिना एसी दफ्तरों में भी आग बरसती रही। लोग पंखे की हवा छोड़ कर पेड़ों के नीचे ठंडी हवा लेते दिखाई दिए। शहर और कस्बों के मुख्य बाजार में दोपहर में सन्नाटा पसरा रहा। जबकि उमस भरी गर्मी के कारण देरशाम बाजार में खरीदारी के लिए लोग निकले। अधिकतर राहगीर चेहरे पर कपड़ा लपेटकर वाहनों की सवारी की।
गर्मी में डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हर रोज एक- दो मरीज डायरिया से पीड़ित आ रहे हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है। फिजिशियन डॉ. फाइक अली ने बताया कि धूप की तपिश से लोग बचने की कोशिश करें। चेहरे पर कपड़ा ढककर निकले। पानी अधिक पीएं।