नया वित्तीय साल शुरू होने के एक माह से भी ज्यादा का समय बीतने के बाद भी पंचायताें में विकास कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहे हैं। मनरेगा के तहत पंचायतों में होने वाले कार्यों को लेकर लगातार शिथिलता बरती जा रही है। 54 पंचायतें ऐसी हैं, जहां मनरेगा के कार्यों के लिए मस्टररोल ही तैयार नहीं किया जा सका है। इस पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई है।
सीडीओ ने पांच ब्लॉकों के इन पंचायतों के सचिवाें, तकनीकी सहायकों व रोजगार सेवकों के वेतन और मानदेय पर रोक लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार देने का काम करती है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) भी कहा जाता है। यह एक मांग-आधारित कार्यक्रम है, जिसके तहत जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को एक साल में कम से कम 100 दिनों का रोजगार दिया जाता है। योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में कच्चा काम किया जाता है।
इसके लिए सबसे पहले तकनीकी सहायक स्टीमेट तैयार करता है। इसकी वित्तीय स्वीकृति बीडीओ द्वारा दी जाती है। उसके बाद मनरेगा श्रमिक कार्य की मांग करते हैं। रोजगार सेवक मांग पत्र पर सचिव के हस्ताक्षर कराएगा। जिसके बाद मस्टररोल निकाला जाता है। इसके बाद बीडीओ व एपीओ मस्टररोल पर हस्ताक्षर करते हैं। जिसके बाद श्रमिकों को मौके पर काम दिया जाता है।
विभागीय स्तर पर इसकी हर माह समीक्षा भी होती है। सरकार लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए गंभीर है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हो पा रहा है।
समीक्षा बैठक में सामने आया कि जिले में अभी भी 54 पंचायतों में मस्टररोल तैयार नहीं किया गया है। जिसको लेकर सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा ने नाराजगी जाहिर की है। ग्राम्य विकास आयुक्त ने भी इसको लेकर नाराजगी जताई थी। अब मस्टर तैयार न करने पर सीडीओ ने संबंधित पंचायत सचिवों, तकनीकी सहायकों, रोजगार सेवक अथवा महिला मेट का मई माह के वेतन अथवा मानदेय पर रोक लगाए जाने के निर्देश दिए हैं।
रोज होगी समीक्षा बैठक
सीडीओ ने बताया कि मनरेगा के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जब तक इन पंचायतों में मस्टररोल तैयार नहीं हो जाते, रोजाना शाम पांच बजे विकास भवन में इसकी समीक्षा बैठक भी आयोजित होगी। इसमें इन सभी पंचायत सचिवों का शामिल होना अनिवार्य होगा।
- मनरेगा वेबसाइट पर जिले की सभी पंचायतों की वित्तीय वर्ष 2025-26 की समीक्षा की गई थी। जिसमें 54 पंचायतों में मस्टररोल जारी होना नहीं पाया गया। ऐसी स्थिति ठीक नही हैं। इन पंचायतों के सचिवों के वेतन व तकनीकी सहायकों तथा रोजगार सेवकों के मानदेय पर रोक लगाई गई है।
- अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ
इन पंचायतों के सचिवों व कर्मचारियों के वेतन पर रोक
अमरोहा ब्लॉक के गांव अलीपुरा कला, बरखेड़ा सादात, देहरा, ढक्का, जाजरू, लकड़हेट, नसीर नंगला, शिकरिया। मंडी धनौरा के गांव देहरा कादर बख्श, जेथल मुस्तकम, पहाड़पुर इनायत, सलानंगला, शरीफपुर शुमाली। गंगेश्वरी ब्लॉक के गांव मुबारिजपुर कला, शहबाजपुर गुजर एतमाली, शकरोली, अल्लीपुर भूड़ शर्की, दमगड़ी, देहरी जट, करनपुर माफी, मुबारकपुर कला, नूरपुर खुर्द, पीपली मेकचंद, रझेड़ा, ताहरपुर। जोया ब्लॉक के गांव बुढ़नपुर, चौधरपुर, चोटीपुरा, फरीदपुर अफजलपुर, फतेहपुर माफी, इकौंदा, जग्गा नंगला, जलालपुर उमर, कमालपुर जैद, कनपुरा, करनपुर, खरखौदा आजम, कूबी, मालीखेड़ा, मंगुपुरा, मुबारकपुर जोया, मुबारकपुर नूरी, पलौला, पप्सरा, पृथ्वीपुर कला, पूरनपुर, रघुनाथपुर, सैंतली, सलामतपुर, सलेमपुर मजरा अतरासी, सलेमपुर नवादा, सरकड़ा कमाल, शेखपुर माफी, टिकिया पंचायतों के सचिव, तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक अथवा महिला मेट के मई माह के वेतन अथवा मानदेय पर रोक लगा दी गई है।