अमरोहा। मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों के भुगतान में आनाकानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। विभिन्न गांव में 3,169 मजदूर ऐसे हैं, जिनका भुगतान काफी समय से लंबित है। भुगतान के लिए कई बार निर्देशित करने के बावजूद अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों (एपीओ) ने पहल नहीं की है। सीडीओ ने सभी छह एपीओ का जुलाई माह का मानदेय रोकने की चेतावनी दी है।
जिले में छह ब्लॉक में 597 ग्राम पंचायत हैं। इन पंचायतों में मनरेगा के तहत तालाब खुदाई से लेकर अन्य तरह के काम कराए गए हैं। बताया जा रहा है कि इन कामों को अनुमोदन के बाद शुरू कराया गया, लेकिन लंबे समय से भुगतान नहीं हुआ है। सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल ने बकाए भुगतान के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर सवाल किए, लेकिन बीडीओ ने एपीओ द्वारा कागजात पूरे नहीं होने के बारे में बताया।
इसके बाद उन्होंने सभी अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों (एपीओ) के जुलाई के मानदेय रोकने की चेतावनी दी है। इसमें सर्वाधिक 1,002 प्रकरण गंगेश्वरी ब्लॉक के हैं। गंगेश्वरी और हसनपुर के नितिन कुमार, अमरोहा के हरीश कुमार, जोया के ब्रजभान, गजरौला के सौरभ कुमार और धनौरा के मुकेश रावल का मानदेय रोका जाएगा।
ब्लॉक लंबित भुगतान
गंगेश्वरी 1,002
जोया 802
हसनपुर 590
गजरौला 360
धनौरा 338
अमरोहा 68
बैक पासबुक और आधार की फोटोकॉपी दें मजदूर
हाल के वर्षों में कई बैंक का विलय हो गया है, लेकिन मजदूरों ने बैंक खाता संशोधित नहीं लिया है, जिससे मनरेगा के कामों का भुगतान उस बैंक खाता में नहीं हो पाता है। इसके लिए मजदूर को नए बैंक के पास बुक और आधार की फोटोकॉपी देनी होगी। उन्हें रोजगार सेवक, पंचायत सचिव या एपीओ के पास जमा कर सकते हैं। विकास भवन स्थित उपायुक्त मनरेगा द्वारा बैंक खाता नंबर संशोधित किया जाएगा। इसके बाद भुगतान हो सकेगा।
मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों का शत-प्रतिशत भुगतान जुलाई में करना है। इसके लिए अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ) को चेतावनी दी गई है। भुगतान नहीं कराने पर उनका जुलाई माह का मानदेय रोक दिया जाएगा।
चंद्रशेखर शुक्ल, सीडीओ