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मनरेगा फर्जीवाड़ा : नसीर नंगला के रोजगार सेवक पर केस

Sat, 13 Sep 2025 02:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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नौगांवा सादात। प्रशासन ने नसीर नंगला के रोजगार सेवक के खिलाफ मनरेगा में फर्जीवाड़ा करने में मुकदमा दर्ज कराया है। उसके खिलाफ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ है। नियम विरुद्ध रोजगार सेवक व ग्राम प्रधान के परिजनों को मनरेगा की धनराशि दी गई थी। प्रकरण में रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान से रकम की रिकवरी की जा चुकी है।
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अमरोहा बीडीओ नीरज कुमार गर्ग ने दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक शिकायत के आधार नसीर नगला गांव में मनरेगा की जांच की गई। इसमें ग्राम पंचायत रोजगार सेवक दीपक कुमार के पिता त्रिमल सिंह व माता निमलेश देवी को साल 2021-22 और 2023-24 से तक 68,720 रुपये का भुगतान किया गया जबकि ग्राम प्रधान नरेंद्र कुमार की पत्नी के नाम पर मनरेगा योजना के तहत इन्हीं दोनों सालों में 55270 रुपये का भुगतान किया गया था। रोजगार सेवक व ग्राम प्रधान द्वारा उपलब्ध कराए साक्ष्य पर्याप्त नहीं थे। लिहाजा तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव सुमित कुमार का स्पष्टीकरण तलब किया गया।

इसमें पंचायत सचिव ने बताया कि मनरेगा मजदूरों के मांग पत्र के आधार पर ग्राम रोजगार सेवक द्वारा मास्टररोल जारी किए गए थे। साथ ही ग्राम रोजगार सेवक की उपस्थिति में मनरेगा कार्य कराए गए। खुद को फंसता देख रोजगार सेवक व ग्राम प्रधान ने वित्तीय अनियमितता की रकम जमा कर दी गई। इस दौरान बीडीओ ने रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान को कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
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उधर, अधिक कार्य क्षेत्र होने के कारण प्रतिदिन ग्राम पंचायत नसीर नगला के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया गया जो संतोषजनक नहीं पाया गया। इस पर ग्राम प्रधान व रोजगार सेवक से भी स्पष्टीकरण मांगे गए लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। 12 दिसंबर 2024 को डीएम निधि गुप्ता वत्स ने ग्राम प्रधान व रोजगार सेवक की व्यक्तिगत सुनवाई की। रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान द्वारा दिए गए बयानों की जांच कराई गई। 20 फरवरी 2025 को सीडीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट प्रेषित की।

शासन को भेजी गई है रिपोर्ट

सीडीओ ने कहा कि ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण स्वीकार करने योग्य नहीं है। इसलिए इस वित्तीय अनियमितता के लिए तत्कालीन सचिव, रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान दोषी हैं। इस संबंध में सभी के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी गई। शासन के निर्देश पर मनरेगा योजना अंतर्गत कराए गए कार्यों पर मजदूरों की उपस्थिति एप के माध्यम से रोजगार सेवक दीपक कुमार ने की थी। जांच रिपोर्ट के मुताबिक रोजगार सेवक दीपक के पिता त्रिमल सिंह व माता निमलेश और ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह की पत्नी कमलेश, बेटी आशी, हिमानी द्वारा कार्य कराए जाने की पुष्टि नहीं हुई। लिहाजा डीएम के निर्देश पर अमरोहा बीडीओ ने रोजगार सेवक दीपक कुमार और ग्राम प्रधान नरेंद्र कुमार के खिलाफ मनरेगा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर थी। इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि बीडीओ ने तहरीर में रोजगार सेवक दीपक कुमार और ग्राम प्रधान नरेंद्र कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा है लेकिन डीएम के अप्रूवल में सिर्फ रोजगार सेवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, इसलिए रोजगार सेवक दीपक कुमार के खिलाफ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। ग्राम प्रधान के खिलाफ डीएम स्तर से कार्रवाई की जा रही होगी।
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