भाजपा के बाद समाजवादी पार्टी ने दो सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। अमरोहा सीट से मौजूदा विधायक महबूब अली प्रत्याशी होंगे। जबकि नौगांवा सादात सीट से दो बार चुनाव हार चुके मौलाना जावेद आब्दी का टिकट काटकर पूर्व मंत्री कमाल अख्तर को प्रत्याशी बनाया है। वहीं हसनपुर और मंडी धनौरा सीटों पर प्रत्याशी उतारने के लिए पार्टी की माथापच्ची जारी है। दोनों सीटों पर कौन उम्मीदवार होगा, इसके लिए एक-दो दिन का इंतजार करना पड़ सकता है।
विधानसभा चुनाव को लेकर सूबे में सरगर्मी तेज हो गई है। जिले में भाजपा ने चारों सीटों पर प्रत्याशित घोषित कर दिया है। जबकि कांग्रेस और बसपा ने दो-दो सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। ऐसे में सोमवार को समाजवादी पार्टी ने भी दो सीटों पर अपने पत्ते खोल दिए हैं। अमरोहा विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक महबूब अली और नौगांवा सदात से कमाल अख्तर को अपना प्रत्याशी बनाया है। दोनों की प्रत्याशी सपा की राजनीति में बड़े चहरे हैं, दोनों ही सपा शासनकाल में कैबिनेट मंत्री के पद पर रह चुके हैं।
छात्र राजनीति से सपा का दामन थामने वाले कमाल अख्तर ने वर्ष 2012 में हसनपुर सीट से चुनाव लड़े थे। इस दौरान उन्होंने बसपा के गंगासरन खड़गवंशी को हराया था। उधर, वर्ष 2014 में उनकी पत्नी हुमैरा अख्तर सपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ीं, लेकिन मोदी की आंधी में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 2017 में उनका मुकाबला भाजपा के महेंद्र खड़गवंशी से हुआ, लेकिन दूसरे नंबर पर रहकर वह चुनाव हार गए। वहीं, अमरोहा सीट पर महबूब अली की वर्चस्व अच्छा रहा है। वर्ष 1988 में राजनीति में सक्रिय हुए महबूब अली ने कई दलों में पारी खेली। वर्ष 2002 में वह राष्ट्रीय लोकदल के डॉ.हरि सिंह ढिल्लो को हराकर राष्ट्रीय परिवर्तन दल के टिकट पर विधायक बने थे। इसके बाद उन्होंने सपा में राजनीति शुरू की और वर्ष 2007 में भाजपा के मंगल सैनी, वर्ष 2012 में भाजपा के रामसिंह, वर्ष 2017 में बसपा के नौशाद अली को हराकर सीट पर कब्जा जाए रखा है। जिलाध्यक्ष निर्मोज यादव ने बताया कि महबूब अली को अमरोहा और कमाल अख्तर को नौगांवा सादात विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है। हसनपुर और धनौरा सीट पर जल्दी की प्रत्याशियों की घोषण की जाएगी।