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सामूहिक विवाह : एक फर्जी जोड़ा पकड़ा, 145 भाग निकले

Mon, 24 Feb 2025 12:26 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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हसनपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते अति​थि।    सं
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हसनपुर (अमरोहा)।
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गजरौला के बाद अब हसनपुर में भी सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा सामने आया है। रविवार को आयोजित समारोह में 2022 में निकाह कर चुकी महिला भी शादी करने पहुंची थी।

कागजों की जांच में महिला को पकड़ा तो 145 जोड़े और भाग गए। माना जा रहा है कि पकड़े जाने के डर से सभी जोड़े भाग निकले। सीडीओ ने जांच के बाद मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, पकड़े गए जोड़े को पुलिस ने हिरासत में लिया है। हालांकि, बाद में 190 जोड़ों की शादी कराई गई।
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हसनपुर के श्रीमती सुखदेवी इंटर कॉलेज के मैदान में रविवार को सीएम सामूहिक विवाह योजना के तहत 335 जोड़ों का विवाह होना था। दोपहर करीब 12 बजे दूल्हा और दुल्हन तैयार होकर पंडाल में पहुंच चुके थे। वर व वधू पक्ष के परिजन व रिश्तेदार भी समारोह में माैजूद थे। शादी की तैयारियां भी पूरी हो चुकी थी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के पहुंचने का इंतजार हो रहा था। इस बीच सीडीओ अश्विनी कुमार समारोह में पहुंचे और जोड़ों का सत्यापन करने लगे।

उन्होंने हसनपुर ब्लॉक के पंडाल में शादी के लिए पहुंचे पहले से शादीशुदा जोड़े को पकड़ लिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। सीडीओ ने फर्जी जोड़े को पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, एडीओ समाज कल्याण ने फर्जी जोड़े के खिलाफ पुलिस थाने में तहरीर दी है। देर शाम तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। फिलहाल महिला और युवक पुलिस की हिरासत में हैं।

उधर, फर्जी जोड़ा पकड़े जाने की सूचना से समारोह में हड़कंप मच गया। इस बीच समारोह में शादी करने आए 335 जोड़ों में से 145 और भाग निकले। माना जा रहा है उक्त जोड़े ने भी फर्जी दस्तावेज के जरिये योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था।
ससुर की शिकायत पर सीडीओ ने की कार्रवाई
एडीओ समाज कल्याण हरवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में फर्जी तरह से शादी करने पहुंची महिला का नाम आसमा है। आसमा हसनपुर क्षेत्र के गांव सोंहत की रहने वाली है। जांच में सामने आया है कि उसकी शादी 2022 में गांव जयतौली निवासी नूर मोहम्मद से हुई थी। करीब एक वर्ष से दोनों में विवाद चल रहा है तभी से वह मायके में रह रही है। वह बिना तलाक लिए दूसरी शादी करने जा रही थी। जयतौली निवासी महिला के पति नूर मोहम्मद के पिता शफीक ने समारोह में पहुंचकर मामले की शिकायत की थी। इसके बाद सीडीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गलत तरीके से शादी करने जा रही आसमा को पुलिस के हवाले कर दिया।
अब संभल के युवक से कर रही थी शादी
फर्जी तरीके से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में शादी करने की कोशिश करने वाली आसमा दलाल के माध्यम से संभल के एक युवक के शादी करने जा रही थी। पति से विवाद के बाद वह मायके में रहती है। इस बीच वह संभल के असमौली थाना रामनगर निवासी जाबिर के संपर्क में आ गई और दलाल के माध्यम से उसने सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए शादी करने की कोशिश की।
- विवाह समारोह में पहले से शादीशुदा एक मुस्लिम जोड़ा पकड़ा गया है, जो महिला शादी कर रही थी उसका नाम आसमा है। वहीं, दूल्हे का नाम जाबिर है। फर्जी जोड़ा पंडाल तक लाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जांच की जाएगी। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, समारोह से भाग 145 जोड़े के दस्तावेजों की भी दोबारा जांच कराई जाएगी।
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- अश्वनी कुमार, सीडीओ

190 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ
हसनपुर विकासखंड से 151, हसनपुर पालिका क्षेत्र से 34, गंगेश्वरी विकासखंड से 130, सैदनगली नगर पंचायत क्षेत्र से एक, उझारी नगर पंचायत क्षेत्र से 19 समेत कुल 335 जोड़ों ने सीएम सामूहिक विवाह योजना के तहत पंजीकरण कराया था। इनकी रविवार को शादी होनी थी। वहीं, जांच के दौरान शादीशुदा जोड़ा पकड़ने जाने से समारोह में हड़कंप मच गया। इस बीच समारोह में जो संदिग्ध जोड़े पहुंचे थे, वह भी भाग निकले। करीब 145 जोड़े के भाग जाने पर 190 की ही शादी हो पाई। इनमें हसनपुर विकासखंड से 73, पालिका हसनपुर के 19, विकासखंड गंगेश्वरी के 83, नगर पंचायत सैदनगली के एक, नगर पंचायत उझारी के 14 शामिल थे। सीडीओ ने शादी के लिए पंजीकरण कराने के बाद समारोह में न पहुंचने वाले जोड़ों की जांच शुरू कर दी है। उधर, समारोह में मुख्य अतिथि गंगेश्वरी ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र खड़गवंशी व क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र खड़गवंशी, सीडीओ व भाजपा नेता मुदित गुर्जर ने नवजोड़ों को आशीर्वाद दिया।
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