अमरोहा। तिगरी धाम में लगने वाले मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मेला इस बार बीस नवंबर से शुरू होगा। जबकि 27 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान है। लेकिन इसके एक महीने पहले तैयारियां शुरू हो जाती हैं। वहीं, तिगरी मेले को भव्य बनाने के लिए तीन करोड़ रुपये से अधिक का बजट शासन को भेजा गया है, जो पिछले साल के मुकाबले अधिक है।
मेले का नक्शा तैयार कर लिया गया है। इस बार प्रशासन ने 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई है। बुधवार को एडीएम और जिला पंचायत के अधिकारियों ने मेले को लेकर मंथन किया और नक्शा भी देखा।
तिगरी धाम में लगने वाला गंगा मेला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एतिहासिक मेला होता है। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर 20 लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान करते है। कार्तिक पूर्णिमा से पहले दिन लाखों लोग अपने पूर्वजों की याद दीपदान करते हैं। वर्ष 2017 में मेला को राजकीय घोषित किया गया था। ये मेला संस्कृति के विभिन्न रंग बिखेरता है। यहां परंपरा और आधुनिकता की बहार के साथ गरीब और अमीर सभी एक तट पर एक उद्देश्य के लिए आते हैं। यहां शहर और ग्रामीण संस्कृति का संगम रहता है। ढोल की थाप लोग झूमते रहते हैं। झूले, सर्कस और मौत के कुएं में करतब से पिकनिक का पूरा माहौल बना रहता है।
एडीएम न्यायिक व मेला प्रभारी माया शंकर ने बताया कि मेले की व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। 11 समितियां बनाकर जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, मेले को पिछले साल के मुकाबले और अधिक भव्य बनाया जाएगा। इस बार मेला आयोजित कराने के लिए तीन करोड़ रुपये से अधिक का बजट तैयार कर शासन को भेजा गया है। जल्द की धनराशि आवंटित हो सकती है।
किस को क्या मिलेगी जिम्मेदारी
मेले का साइट प्लान, समस्त अस्थायी मार्गों का निर्माण, मचान, बैरियर, बैरिकेडिंग, टिन फैसिंग, दागबेलिंग, समतलीकरण और घाटों का निर्माण कराने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी जाएगी। पेयजल व्यवस्था और बोरिंग कराने का कार्य जल निगम को सौंपी जाएगी। नाव, मल्लाह, गोताखोर और जाल आदि का कार्य बाढ़ खंड सिंचाई विभाग के अधिकारी कराएंगे। संपूर्ण मेला क्षेत्र में प्रकाश की व्यवस्था की जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता विद्युत गजरौला कराएंगे। पूरे मेले में होने वाले ध्वनि प्रसारण का जिम्मा जिला विद्यालय निरीक्षक को दिया जा सकता है।
यह रहेंगी व्यवस्थाएं
हैंडपंप
अस्थायी शौचालय
नाव
मचान
बैरियर
बोरिंग
पुराल
चटाई
सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
ड्रोन कैमरे