तीन सालों में प्रदेश के आठ मुख्य संसदीय सचिवों ने पेट्रोल पर एक करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर दी।
बेलदार से मालदार बने सेक्स रैकेट संचालक आफाक हुसैन के संपर्क में मंडल की कई राजनीतिक हस्तियां थी। नेताओं के बीच उसकी पहचान फाइनेंसर की रूप में थी। आफाक नेताओं के चुनाव और बड़े आयोजन फाइनेंस करता था। क्राइम ब्रांच के हाथ लगी उसकी डायरी में मंडल के कुछ नेताओं के नाम भी मिले हैं।
जिसे लेकर राजनीतिक हस्तियाें में खलबली मची हुई है।नेपाल सहित देश के कई हिस्सों से दिल्ली के जीबी रोड पर लाई गई पांच हजार लड़कियाें से जबरन धंधा कराने के आरोप में अमरोहा के उझारी निवासी आफाक हुसैन और उसकी पत्नी सायरा ने दिल्ली क्राइम ब्रांच के सामने कई राज उगले हैं।
रही सही कसर उसके पास से बरामद डायरी ने पूरी कर दी है। आफाक की डायरी में देशभर के कई नेताओं के नाम मिले हैं, उनमें मुरादाबाद मंडल के कई कद्दावर नेता भी हैं। यही वजह है कि आफाक की गिरफ्तारी से मंडल के सफेदपोशों में हलचल मच गई है। दरअसल नेताओं का चुनाव हो या उनके यहां कोई बड़े आयोजन।
आफाक भले ही उनके चुनाव और आयोजनों में शामिल न हो, लेकिन फाइनेंसर के रूप में उसकी मौजूदगी जरूर रहती थी। वह कई नेताओं के साथ मंच पर भी दिखता था। क्राइम ब्रांच के सामने उसने उगला है कि वह कई नेताओं को निजी तौर पर उनके कई प्राइवेट प्रोग्राम के लिए लड़कियां भी उपलब्ध कराता था। फिलहाल राजीनितक दलों में आफाक को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। आफाक के संपर्क में रहे नेता अपना नाम खुलने के डर से सकपकाए हैं।