पत्नी सायरा बेगम के साथ मिलकर पांच हजार से ज्यादा लड़कियों को सेक्स की मंडी में बेच चुका आफाक बाकरी गंदी कमाई से डिग्री कालेज का मालिक बनने का ख्वाब देख रहा था। इसके लिए उसने अपने गांव उझारी के साथ ही हसनपुर और गजरौला में भी जमीन की तलाश शुरू कर दी थी।
लड़कियां बेचकर सैकड़ों बीघा बाग और खेती की जमीन खरीद चुका बाकरी इन दिनों 250 बीघे के एक फार्म हाउस के सौदे में भी जुटा था। हकीकत उजागर होने के बाद उसका परिवार अब मुंह छुपाता घूम रहा है।
हसनपुर-संभल रोड पर हसनपुर से महज दस किलो मीटर की दूरी पर बसे उझारी में मोहल्ला सादात का रहने वाला आफाक बाकरी कोठे की काली कमाई से डिग्री कालेज खोलने के लिए पिछले कई महीनों से उझारी, सैदनगली, हसनपुर और गजरौला में जमीन तलाश रहा था।
ये वही उझारी है जहां यूपी के कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर का घर है। मंत्री के अलावा और भी कई रसूखदार व मालदार लोग उझारी से ताल्लुक रखते हैं। इन्हीं रईसों के बीच पिछले दस साल में आफाक बाकरी नया मालदार पैदा हुआ था। बेहद गरीब घर में पैदा हुआ आफाक जिस्मफरोशी के धंधे से रातोंरात करोड़पति बन गया।
पुलिस पड़ताल में पता चला है कि आफाक को दिल्ली में बेलदारी के दौरान कोठे पर जाने की लत लगी थी और फिर कोठे वाली से ही खामोशी से शादी कर ली। कोठे वाली से शादी करने के बाद वह उसके धंधे का मालिक बन गया। मियां - बीवी मिलकर लड़कियां बेचने लगे जिससे अकूत दौलत जुटा ली।
इस दौलत से उसने उझारी में 200 बीघा जमीन खरीदी, बाप के नाम पर आलीशान कोठी बनवाई, सैकड़ों बीघा बाग ले लिए, दिल्ली में आलीशान कोठियां और फार्म हाउस खरीद लिए। अकूत दौलत फिर भी बची रही तो उसने सैदनगली में एक पूरा मार्केट खरीद लिया। डिग्री कालेज बनवाने के लिए जमीन खोजने लगा।
गजरौला के एक फैक्ट्री स्वामी का करीब ढाई सौ बीघे में बना फार्म हाउस पूर्व भाजपा विधायक तोताराम के गांव तरारा में बना हुआ है। आफाक इस फार्म हाउस को लेने की फिराक में था और सौदेबाजी शुरू कर दी थी। बताया जा रहा है कि फार्म हाउस के दस करोड़ रूपए आफाक लगा चुका था। लेकिन फार्म हाउस स्वामी इसे अधिक कीमत पर बेचना चाहता था।