अमरोहा। खाड़ी देशों के साथ-साथ अब पड़ोसी मुल्क भूटान के लोग भी अमरोहवी आम का स्वाद ले सकेंगे। इसके लिए शनिवार की शाम सहारनपुर के मैंगो पैक हाउस से पैक कराकर अमरोही लंगड़ा और चौसा आम भूटान भेजा गया है। दोनों आमों को 28 जुलाई को होनी वाले मैंगो फेस्टिवल में शामिल किया जाएगा। पहली खेप एक टन आम की है। जबकि तीस टन आम और भेजने की तैयारी है। वहीं खाड़ी देशों में 75 टन आम भेजा जा चुका है।
यूं तो अमरोहा का नाम देश और विदेश में शुमार है, लेकिन फल पट्टी को लेकर अलग पहचान मिली है। यहां के आम विदेशी धरती पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं। मौसम में बदलाव के चलते आम का उत्पादन प्रभावित होने की संभावना थी, लेकिन औसतन उत्पादन ठीक ठाक हुआ है। आम निर्यातक नदीम सिद्दीकी ने बताया कि इस बार विभिन्न देशों में आम के निर्यात हो रहा है। पहली बार दक्षिण भारत के शहरों में आम की खेप भेजी गई है। जबकि हैदराबाद के लिए 30 टन आम भेजा गया है। जहां भी अमरोही आम जाता है, वहां के लोग स्वाद के दीवाने हो जाते हैं।
अरब देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, जापान और न्यूजीलैंड के लोग भी अमरोही आम के दीवाने हैं। संयुक्त अरब अमीरात, दुबई, ओमान, बहरीन, कतर से आम की खेप भेजी जा रही है। विदेशों में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, मल्लिका और मखसूस आम की काफी मांग रहती है। जापान में मल्लिका आम बहुत पसंद किया जाता है। जबकि चौसा की ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में काफी मांग रही है। लेकिन पहली बार भूटान मुल्क के लिए लंगड़ा और चौसा भेजा जा रहा है। नदीम सिद्दीकी के मुताबिक सहारनपुर के मैंगो पैक हाउस से अमरोही के लंगड़ा और चौसा का एक टन आम पैकिंग होने के बाद शनिवार की शाम करीब छह बजे भूटान भेजा गया है। भूटान के महाराजा द्वारा कराए जा रहे फेस्टिवल दोनों आमों को शामिल किया जाएगा।