जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव चौधरी अमर प्रताप सिंह ने कहा कि लोक अदालत का मकसद आम आदमी को सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। 12 मार्च को आयोजित होने वाली लोक अदालत में अधिक से अधिक वाद निस्तारित कराएं।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत में वाद निस्तारित कराने पर कोई शुल्क नहीं लगता है। पक्षकारों के मध्य आपसी समझौते से वादों का निस्तारण किया जाता है। लोक अदालत के माध्यम से जल्द से जल्द मुआवजा व हर्जाना मिल जाता है। साथ ही साथ पुराने वाद में लगा न्याय शुल्क भी वापस मिल जाता है। किसी भी पक्षकार को दंडित नहीं किया जाता है। लोक अदालत में पक्षकारों को सस्ता और सुलभ न्याय मिल जाता है। लोक अदालत के वादों की अपील भी नहीं होती है। लोक अदालत में दीवानी, वैवाहिक, पारिवारिक, दाखिल खारिज भूमि पट्टे के विवाद, बैंक ऋण, वन भूमि, भूमि अर्जन, राजस्व, मोटर दुर्घटना आदि से संबंधित वाद शामिल हैं। 12 मार्च को आयोजित होने वाली लोक अदालत में अधिक से अधिक वाद निस्तारित कराकर लोक अदालत के आयोजन को सफल बनाएं।