अमरोहा। कोरोना वायरस के खौफ को देखते हुए संपूर्ण लॉक डाउन का असर अब ब्लड बैंक पर दिखने लगा है। तीन सौ यूनिट की क्षमता वाले ब्लड बैंक में मात्र 11 यूनिट ब्लड बचा है। लॉक डाउन में मांग भी घटी है। इस दौरान डिलीवरी और सर्जरी के लिए खून की मांग चल रही है। ब्लड बैंक कर्मियों की सूझबूझ के चलते खून की मांग पूरी हो रही है। अगर इमरजेंसी में अधिक खून की जरूरत पड़ी तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जिला अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक की क्षमता 300 यूनिट रक्त संग्रहीत करने की है। लेकिन यहां औसतन 150 यूनिट रक्त रखा जाता है। क्योंकि रक्त 35 दिन से अधिक संग्रहीत नहीं किया जा सकता है। अमरोहा में खून की खपत कम है। इसलिए खून खराब भी न हो और जरूरत के हिसाब से सभी ग्रुप लोगों को मिल सकें, ब्लड बैंक कर्मी मुकम्मल व्यवस्था रखते हैं। लॉक डाउन के चलते लोगों की आवाजाही बंद हैं। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी नहीं लग पा रहे हैं। लॉक डाउन के चलते दो संस्थाओं के रक्तदान शिविर को रद्द कर दिया गया है। फिलहाल रक्तदान करने वाले लोग भी नहीं पहुंच रहे हैं। जिस कारण ब्लड यूनिट कम हो गई है। लैब टेक्नीशियन मोहित चौधरी ने बताया कि फिलहॉल ब्लड बैंक में केवल 11 यूनिट खून मौजूद है। इसमें पॉजिटिव ग्रुप तो हैं, लेकिन निगेटिव ग्रुप की कमी है। सिजेरियन डिलीवरी केस में ब्लड की जरूरत पड़ रही है। लेकिन अचानक में इमरजेंसी के हालात बने तो ब्लड के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है।
गर्भवती महिलाओं को पड़ती है खून की जरूरत
अमरोहा। जिले में एक मात्र ब्लड बैंक है। लेकिन जिले की महिलाओं में अक्सर खून की कमी पाई जाती है। गर्भवती महिलाओं को ऑपरेशन और नार्मल डिलीवरी के दौरान डॉक्टर अक्सर खून चढ़ाने की जरूरत पड़ी है। ऐसे में खून की कमी होने से गर्भवती महिलाओं को लेकर भी खतरा बना हुआ है।
ब्लड बैंक कर्मियों की सूझबुझ से चल रहा काम
अमरोहा। लॉक डाउन के चलते ब्लड बैंक में रक्त यूनिट लगभग खत्म हो चुका है। केवल ग्यारह यूनिट बची है। बावजूद इसके ब्लड बैंक कर्मियों ने हिम्मत नहीं हारी है। उनका कहना है कि जरूरत के हिसाब से लगभग सभी ग्रुपों का आठ यूनिट ब्लड है। लेकिन अगर इमरजेंसी में ब्लड की जरूरत पड़ती है तो, पहले प्राथमिकता मरीज के परिजनों को दी जाती है। जिससे उनके खून का मैच कर दिया जा सकते। अन्यथा कुछ स्वैच्छिक डोनर लगातार संपर्क में बने रहते हैं। उन्हें बुलाकर आपात स्थिति में खून की पूर्ति की जा सकती है।
इन बीमारियों में पड़ती है ब्लड की जरूरत
अमरोहा। एनीमिया, प्रसव के पूर्व, प्रसव के उपरांत डिलीवरी के बाद, मेजर सड़क दुर्घटना में रक्त रिसाव होने पर, ऑपरेशन, कैंसर, किडनी फैल्योर के मरीजों को अक्सर खून की जरूरत पड़ी है।
ब्लडबैंक में इस ग्रुप के ब्लड मौजूद
ग्रुप----------------------यूनिट
- ए पॉजिटव ------------- 2
- बी पॉजिटिव-------------3
- ओ पॉजिटिव------------2
- एबी पॉजिटिव-----------3
- एवी निगेटिव------------1