साल 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में 24003 छात्र-छात्राएं थे। इनमें 13514 छात्र और 10588 छात्राएं पास हुईं थीं। इस दौरान छात्रों का कुल प्रतिशत 83.28 रहा। जबकि, 91.82 प्रतिशत छात्राओं ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वहीं, हाईस्कूल में कुल 28144 विद्यार्थी थे। इनमें 15408 यानी 86.87 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा पास की थी। जबकि, 17736 छात्राएं पास हुईं थीं, जिसका कुल प्रतिशत 93. 88 रहा था।
वर्ष 2020 में हाईस्कूल में कुल 51614 विद्यार्थी थे, जिनमें से हाईस्कूल में 25039 छात्र-छात्राएं पास हुए थे। जबकि, इंटर में 21561 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। इस तरह 90.19 प्रतिशत छात्र पास हुए थे, जबकि 96.40 छात्राओं ने बाजी मारी थी। वर्ष 2021 माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटर में 55049 विद्यार्थी पंजीकृत थे। हाईस्कूल में 16,510 छात्र और 12,519 छात्राएं थीं। इंटर में 15722 छात्र और 10658 छात्राएं पंजीकृत थीं। कोरोना संक्रमण के चलते माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा को निरस्त कर दिया था। पिछले वर्ष के अंक और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर वार्षिक परीक्षा फल तैयार किया गया था।
वर्ष 2022 में कुल 25045 छात्र-छात्राएं आए थे, जिनमें से 21655 ने परीक्षा पास की थी। इनमें 89.30 प्रतिशत छात्र व 95.36 प्रतिशत छात्राएं पास हुई थी। हाईस्कूल में कल 27299 विद्यार्थी थे, जिसमें से 23516 में परीक्षा पास की थी। इसमें 90.77 प्रतिशत छात्र और 95.90 प्रतिशत छात्रों ने बाजी मारी। वर्ष 2023 में हाईस्कूल और इंटर में बेटियों ने बाजी मारी। छात्रों के मुकाबले छात्राएं अधिक पास हुईं थी। पिछले साल इंटर पंजीकृत के सापेक्ष 23818 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी, जिनमें 21739 परीक्षार्थियों के हाथ सफलता लगी। इसमें 87.85 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। जबकि 91.84 प्रतिशत छात्राओं ने बाजी मारकर छात्रों को पीछे छोड़ दिया था। वहीं, हाईस्कूल पंजीकृत के सापेक्ष 27001 परीक्षार्थियों ने पेपर दिया था। जिसमें में 90.13 प्रतिशत छात्र और 97.48 फीसदी बेटियों ने बाजी मार ली थी। हर साल की तरह इस बार भी दोनों ही कक्षाओं में बेटियां बेटों से आगे रहीं।