डिडौली(अमरोहा)। चुबका और पूरनपुर के बाद अब नीली खेड़ी के खेतों में दो शावकों के साथ तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत है। बुधवार देर शाम गन्ने के खेत में पानी चलाने पहुंचे किसान को तेंदुआ दिखा। बृहस्पतिवार सुबह मूंढा इम्मा मार्ग पर भी ग्रामीणों का सामना तेंदुए और उसके शावकों से हुआ। ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगवाने की मांग की है।
नीली खेड़ी निवासी जुनैद बुधवार देर शाम खेत में पानी चलाने पहुंचे थे। इसी दौरान तेंदुए को दो शावकों के साथ देखकर घबराए जुनैद ने गांव लौटकर ग्रामीणों को जानकारी दी।
बृहस्पतिवार सुबह आसिम, सज्जारुल, गुफरान और ग्राम प्रशासक रिहान पाशा टहलने निकले तो मूंढा इम्मा मार्ग पर तेंदुआ शावकों के साथ दिखाई दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ शावकों समेत जंगल की ओर चला गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, तीन दिन पहले पार्वती देवी, रूबी समेत कई महिलाएं खेत में धान काट रही थीं। इसी दौरान तेंदुआ एक गीदड़ का शिकार कर उसे गन्ने के खेत में खींच ले गया था। गन्ने की फसल बड़ी होने से तेंदुए के छिपे होने की आशंका के चलते खेतों में काम करने वाले लोग डरे हुए हैं।
ग्राम प्रशासक रिहान पाशा ने वन विभाग से पिंजरा लगवाने की मांग की है। डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि निगरानी के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगाया जाएगा।