खेत से घर लौट रहे किसान द्वारा टार्च जलाने से हुई रोशनी में आंखें चौंधियाने से तेंदुआ कुएं में गिर गया। जानकारी होने पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। सूचना पाकर वन विभाग की टीम गांव में पहुंची। तेंदुए को कुएं से बाहर निकालने की कोशिश की, मगर नाकाम रहे। पीलीभीत से आई रेस्क्यू टीम भी ट्रैंकुलाइजेशन की मदद से तेंदुए को 22 घंटे बाद भी कुएं से बारह नहीं निकाल पाई। अब मंगलवार को फिर से तेंदुए को बाहर निकालने का प्रयास किया जाएगा।
हसनपुर क्षेत्र के वंशी वाला महरपुर निवासी ओमपाल सिंह खड़गवंशी ने बताया कि वह रविवार रात 11 बजे खेत से सिंचाई कर घर लौट रहा था। गंगा बांध से खेतों की तरफ जा रहे संपर्क मार्ग पर उसने रोशनी के लिए टार्च जलाई तो खेतों की तरफ से भाग रहे तेंदुए को देख उनके होश उड़ गए। आंख पर टार्च की रोशनी पड़ने से तेंदुआ गांव निवासी बीरबल के खेत में सूखे कुएं में गिर गया। कुएं की गहराई करीब पंद्रह फीट मानी जा रही है। जानकारी होने पर वन विभाग की टीम पहुंची। तेंदुए के कुएं में गिरने की भनक लगने पर गांव के लोग इकट्ठा होकर मौके पर पहुंचे। तेंदुआ कौतूहल का विषय बन गया। वन क्षेत्राधिकारी हसनपुर शीशपाल सिंह बिष्ट स्टाफ के साथ गांव में पहुंचे। वह मौके वन विभाग के चौकीदारों को तैनात कर चले गए। कुएं पर जाल बिछा दिया और गार्डर रख दिया। ताकि कोई ग्रामीण कुएं में न गिर जाए। सोमवार सुबह होने पर सीएफओ विजय सिंह एवं एसडीओ अजय कुमार पांडेय, रेंजर के साथ मौके पर पहुंच गए। पूरे जिले के वन विभाग की फोर्स के बुला लिया गया। शाम करीब चार बजे पीलीभीत से रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची।