अमरोहा। अमर उजाला के अभिनव अभियान मां तुझे प्रणाम के तहत स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ब्लाॅक परिसर में मौजूद शहीदाें के स्तंभ पर समाजसेवी, राजनैतिक, किसान, व्यापारी और पुलिस कर्मियों ने दीप व मोमबत्ती जलाकर देश के वीरों को श्रद्धांजलि दी गई। वंदेमातरम और भारत माता के जयकारों से पूरा ब्लाॅक परिसर गुंजायमान हो गया। साथ ही दीपों की रोशनी देखते बन रही थी। दीपों से सजा भारत का नक्शा आकर्षण का केंद्र बना रहा।
एमएलसी डॉ. हरिसिंह ढिल्लो ने क्रांतिकारियों के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जनपद के आजादी के मतवालों ने अंग्रेजों का डटकर सामना किया। उनकी यातनाएं झेलीं, यहां तक कि सीने पर गोली भी खाई, लेकिन राष्ट्रध्वज और देश का अपमान नहीं होने दिया। देश को आजाद कराने में क्रांतिकारियों ने सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे महान क्रांतिकारी के संघर्ष और जज्बे को लोग आज भी सलाम करते हैं। जिन्होंने अंग्रेजों के आगे घुटने नहीं टेके और सीधे लोहा लिया। उन्होंने बताया कि किस तरह से सन 1942 में महात्मा गांधी द्वारा करो या मरो अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा दिया गया। जिले कई क्रांतिकारियों ने अपना बलिदान दिया। उस समय जिन घरों के चिराग बुझ गए, उन्हें और हौसला देने की खातिर अमर उजाला के अभिनव अभियान के तहत दीपक जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। अमर उजाला परिवार के साथ शहर वासी ऐसे वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन करते हैं।
ये लोग रहे मौजूद
एडीएम माया शंकर यादव, एएसपी राजीव कुमार सिंह, सीओ सिटी विजय कुमार राणा, ब्लाॅक प्रमुख गुरेंदर सिंह ढिल्लो, भाकियू शंकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह, श्री धार्मिक रामडोल कमेटी के अध्यक्ष कपिल शर्मा, व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान के जिलाध्यक्ष खत्री मनोज कुमार टंडन, सराफ कुंवर विनीत अग्रवाल, राकेश वर्मा, समाज सेवी अनिल कुमार जग्गा, शारेब खां, युनूस, सतेंद्र सैनी, खेमपाल सिंह, संजीव सिंह, प्रतुल सिंह, सुधाकर सिंह, कमर नकवी, समीर खान, बीडीओ लक्ष्मण प्रसाद, इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह, एडीओ पंचायत मदन पाल सिंह आदि मौजूद रहे।