गजरौला (अमरोहा)। सावन के छठवें सोमवार के अवसर पर जलाभिषेक होने के बाद रूट डायवर्जन को हटा दिया गया। इसके साथ ही दोपहर दो बजे से दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे की दूसरी लेन पर भी छोटे-बड़े वाहनों का संचालन शुरू हो गया। अच्छी बात यह रही कि चौपला व अन्य जगह जाम की स्थिति नहीं बनी। उधर, व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए पुलिस भी जगह-जगह तैनात रही।
सावन माह में कांवड़ियों की सुरक्षा के मद्देनजर प्रत्येक शुक्रवार की शाम छह से सोमवार दोपहर दो बजे तक रूट डायवर्जन लागू कर दिया जाता है। इसके तहत दिल्ली मुरादाबाद हाईवे की एक लेन कांवड़ियाें के लिए सुरक्षित रहती है तो दूसरी पर वाहन चलते हैं। एक लेन पर कार, रोडवेज बस, आवश्यक वस्तुओं से संबंधित वाहनों के हाईवे पर चलने की अनुमति रहती है, जबकि ट्रक, कैंटर समेत अन्य भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जाता है। छठवें सोमवार को देखते हुए यह रूट प्लान जारी रहा। हालांकि, संभावना थी कि कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर रविवार रात से हाईवे की दोनों लेन को कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दिया जाएगा। लेकिन, स्थिति सामान्य रहने पर हाईवे की एक लेन पर ही कांवड़िये चले। सोमवार की सुबह तक कांवड़िये अपने गंतव्य पर पहुंच गए और आसपास के शिवालयों में जलाभिषेक हुआ। उसके बाद दोपहर में हाईवे की दूसरी लेन पर वाहनों को संचालन शुरू कर दिया गया। ट्रक, प्राइवेट बसों के अलावा माल वाहक वाहनों को पूर्व की तरह हाईवे से ही गुजारा गया। सीओ मंडी धनौरा अरुण कुमार सिंह का कहना है कि रूट डायवर्ट के दौरान भी एक लेन पर कार, रोडवेज बस आदि को रोकने की जरूरत नहीं पड़ी। वह लगातार दौड़ती रहीं। हाईवे पर दोपहर दो बजे भारी एवं मालवाहक वाहनों के संचालन शुरू कर दिया गया। हालांकि, इस दौरान पुलिस यातायात व्यवस्था संभालने के लिए लगी रही।