ट्रेन में सफर करने वाले यात्री जरा सावधान हो जाएं। अगर आपके आसपास पुलिस की वर्दी पहने कोई महिला या युवक खड़ा हो तो जरूरी नहीं कि वह पुलिस में ही है और आपकी हिफाजत के लिए वहां खड़ा है। यह भी हो सकता है कि वह आपकी जेब काट ले जाए और आपको शक भी न हो।
गजरौला रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार रात करीब आठ बजे ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया। पुलिस की वर्दी पहने महिला से उसकी तैनाती के बारे में आरपीएफ के एक दरोगा ने पूछा, तो जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर शक हो गया। सख्ती से पूछताछ व तलाशी लिए जाने के बाद रेलवे पुलिस को मालूम हुआ कि पुलिस की वर्दी पहने हुए वह एक जेब कतरी है। खबर लिखे जाने तक आरोपी महिला को जेल भेजने की तैयारी की जा रही थी।
कोटद्वार से दिल्ली के लिए चलने वाली गढ़वाल एक्सप्रेस रोजाना गजरौला जंक्शन पर करीब पौने आठ बजे पहुंचती है। यहां पर ट्रेन का इंजन बदला जाता है, तो तकरीबन तीस मिनट तक गाड़ी स्टेशन पर खड़ी रहती है। शुक्रवार रात करीब आठ बजे गजरौला स्टेशन गढ़वाल एक्सप्रेस के महिला कोच में एक 24 वर्षीय महिला कांस्टेबल बैठी थी।
इस दौरान वहां से गुजर रहे आरपीएफ के दरोगा अनिल तेवतिया ने युवती से उसकी तैनाती के बारे में पूछा तो वह दरोगा को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। शक होने पर दरोगा ने इंस्पेक्टर को फोन कर मौके पर बुला लिया। महिला को ट्रेन से उतार लिया गया। सख्ती से पूछताछ की गई। तलाशी लेने पर उसके पास से तीन फर्जी पुलिस के पहचान पत्र, 2880 रुपये, तीन ब्लेड व दो एंड्रायड मोबाइल बरामद किए गए। खबर लिखे जाने तक पुलिस उससे पूछताछ कर रही थी।