अमरोहा। ऋण चुकाने के बाद भी समूह संचालक और एजेंट के तकाजे से आहत मजदूर ने जहर खा लिया। मेरठ में शुक्रवार रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने मजदूर का शव थाने में लाकर हंगामा किया। समूह संचालक और एजेंट पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने परिजनों को किसी तरह से शांत करवाया। मामले में मजदूर की पत्नी ने तहरीर दी है। पुलिस एफआईआर लिखने की तैयारी में हैं।
नौगावां सादात थानाक्षेत्र के पीलाकुंड गांव में मजदूर ध्यान सिंह का परिवार रहता है। वह रोजमर्रा की मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। उसके परिवार में पत्नी मीनाक्षी के अलावा चार बच्चे हैं। मीनाक्षी के आरोप के मुताबिक करीब एक साल पहले ध्यान सिंह ने जनपद बिजनौर के एक गांव से संचालित समूह से 10 हजार रुपये का ऋण लिया था। ऋण चुकाने के लिए ध्यान सिंह लगातार किस्त जमा कर रहे थे। पंद्रह दिन पहले उसने समूह का सारा पैसा जमा कर दिया था। बावजूद इसके समूह द्वारा चार हजार रुपये बकाया बताकर प्रताड़ित किया जा रहा था। समूह के कलेक्शन एजेंट उनके घर आकर पैसे जमा करने का लगातार दबाव बना रहे थे। आरोप है कि गुरुवार को भी समूह के एक एजेंट ने घर आकर गाली-गलौज की थी। चार हजार रुपये बकाया बताते हुए उसने जमकर हंगामा किया था। जिसके चलते ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी। ग्रामीणों के सामने अपनी बेइज्जती होता देख ध्यान सिंह बर्दाश्त नहीं कर सका। इसके बाद थोड़ी देर बाद ध्यान सिंह ने घर में रखा जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। लेकिन शुक्रवार की रात इलाज के दौरान ध्यान सिंह की मौत हो गई।
खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन शनिवार की दोपहर पोस्टमार्टम कराने के बाद शव लेकर थाने पहुंचे और समूह संचालक और कलेक्शन एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। पुलिस ने समझा कर आक्रोशित परिजनों का गुस्सा शांत हुआ। मामले में मजदूर की पत्नी मीनाक्षी ने तहरीर दे दी है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
मामले में मृतक की पत्नी मीनाक्षी देवी ने समूह संचालक और कलेक्शन एजेंट के खिलाफ तहरीर दी है। एफआईआर दर्ज कर की जा रही है। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शव का पोस्टमार्टम मेरठ में ही हुआ है।
-सतीश पांडेय, सीओ सिटी अमरोहा