2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार आ गई। तब ललित कौशिक ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर दोबारा चुनाव कराया। जिसमें ललित कौशिक ब्लॉक प्रमुख बन गया। ब्लॉक प्रमुख बनने के बाद से ही पुराने दोस्त रामवीर सिंह के साथ मनमुटाव शुरू हो गया था। इसके बाद दोनों एक-दूसरे के खिलाफ हो गए थे।
मुरादाबाद में कुशांक हत्याकांड की साजिश रचने में आरोपी बनाया गया ललित कौशिक मूलरूप से मूंढापाडे के अक्का डिलारी का निवासी है। वर्तमान में वह परिवार के साथ दीन दयाल नगर में रहता है। ललित कौशिक ने 2005 में हिंदू कॉलेज में छात्र संघ चुनाव में किस्मत आजमाई थी।
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हालांकि वह जीत दर्ज नहीं कर पाया। उस वक्त वह हिंदू कॉलेज से बीएड कर रहा था। इसके अलावा उसने रामगंगा विहार से निर्दलीय के तौर पर पार्षद पद पर चुनाव लड़ा। यहां भी जीत नहीं हासिल कर सका। 2016 में मूंढापांडे ब्लॉक से ब्लॉक प्रमुख पर चुनाव लड़ा। उस वक्त प्रदेश में सपा की सरकार थी।
इस चुनाव में भी ललित को हार का सामना करना पड़ा था। सपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। तब उसने धांधली का आरोप लगाते हुए कोर्ट की शरण ली थी। 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार आ गई। तब ललित कौशिक ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर दोबारा चुनाव कराया।
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जिसमें ललित कौशिक ब्लॉक प्रमुख बन गया। ब्लॉक प्रमुख बनने के बाद से ही पुराने दोस्त रामवीर सिंह के साथ मनमुटाव शुरू हो गया था। इसके बाद दोनों एक-दूसरे के खिलाफ हो गए थे। ललित के खिलाफ 2016 में पहला मुकदमा सिविल लाइंस थाने में दर्ज हुआ था। इसके बाद उनके खिलाफ पांच और मुकदमे में अलग-अलग थानों में दर्ज हैं।
तत्कालीन डीएम के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत कर सुर्खियों में आया ललित
मुरादाबाद में डीएम रहे जुहैर बिन सगीर के खिलाफ ललित कौशिक ने शासन में शिकायत की थी। तत्कालीन डीएम पर आरोप था कि उन्होंने जेल के लिए खरीदी गई जमीन में धांधली की है। इसके बाद ही आईएएस अफसर के खिलाफ विजिलेंस ने जांच की थी। जांच के बाद तत्कालीन डीएम समेत कई अफसरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस मामले की शिकायत के बाद ही वह सुर्खियों में आया था।