अमरोहा। मध्य गंगा नहर के लिए अधिग्रहित हुई जमीन के चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर किसान अभी भी आस लगाए हुए हैं। फिलहाल मुख्य सचिव को वार्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक बार वार्ता टलने के बाद जल्द ही फिर से वार्ता होने की उम्मीद है। जमीन के मुआवजे को लेकर करीब दो साल से किसान लगातार धरना दे रहे हैं।
रामपुर घना, कूबी व मोहनपुर में मध्य गंगा नहर परियोजना के लिए सरकार द्वारा जमीन का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन उस समय किसानों को मुआवजा नहीं मिला था। अब किसानों को 2011 के सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है। लेकिन किसान वर्तमान सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। मामले को लेकर कई बार जनप्रतिनिधि भी मुख्यमंत्री से मिलकर किसानों के हित में अपनी बात रख चुके हैं। लेकिन शासन फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं ले पाया है। साथ ही किसान मुआवजे की मांग को लेकर लगातार मांग करते आ रहे हैं।
अब शासन ने मामले में वार्ता से इस प्रकरण का हल निकाले जाने के लिए पहल की है। वार्ता के लिए मुख्य सचिव को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले से एडीएम वित्त व राजस्व ब्रजेश कुमार त्रिपाठी व एसडीएम सदर सुधीर कुमार को वार्ता के लिए बुलाया गया था। लेकिन उस दिन प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ मचने के कारण बैठक को स्थगित कर दिया गया था। लेकिन उसके बाद बैठक के लिए कोई अगली तारीख तय नहीं हो सकी है। मुख्य सचिव से वार्ता के बाद किसानों को जल्द ही मुआवजे के संबंध में कोई निर्णय होने की उम्मीद है। एडीएम वित्त व राजस्व ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बैठक के लिए अभी अगली कोई तारीख नहीं मिली है।