सार्वजनिक तालाब में जहरीली दवाई डालने से हजारों मछलियां मर गईं। मृत मछलियों को पानी में तैरते देख दवाई डाले जाने की भनक लगी। जानकारी होने पर गांव के लोग भी तालाब किनारे पहुंचे। पुलिस को मामले की तहरीर दी गई है।
मामला थाना क्षेत्र के नजदीकी गांव पाल का है। यहां पर सार्वजनिक तालाब है। जिसमें गांव के ही महेंद्र सिंह जाटव ने 15 दिन पहले मछली पालन शुरू किया। महेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने नजदीकी गांव अहरौला तेजवन से एक लाख रुपये खर्च कर मछली के 40 हजार बच्चे लाकर तालाब में छोड़े। वह रखवाली के लिए तालाब पर ही सोते हैं।
शुक्रवार की रात भी सोए थे। रात में किसी ने तालाब में जहरीली दवाई डाल दी। वह सुबह जागे तो तालाब में हजारों मछली मृत देख हैरान रह गए। पानी से दवाई की बदबू भी आ रही थी। जिसकी जानकारी होने पर गांव के लोग भी आ गए। उन्होंने अज्ञात पर मछली मारने के लिए दवाई डालने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। थाना प्रभारी राजीव तिवारी का कहना है कि तहरीर मिल गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।