शहर में ईद मिलादुन्नबी पर निकाले जा रहे जुलूस-ए-मोहम्मदी पर मुस्लिम समुदाय की समझदारी के चलते उस समय शहर का माहौल बिगड़ने से बच गया, जब शाम पांच बजे मानसिक रूप से कमजोर महिला आ गई। वह जुलूस में श्रीराम के नारे लगाने लगी। प्रधानमंत्री के अलावा जिले के पुलिस अफसरों को वह अपना निकट संबंधी बता रही थी। जुलूस में हलचल मच गई। हरकत में आई पुलिस ने भाग कर महिला को काबू किया।
मोहम्मद साहब की यौमे पैदाईश पर सोमवार को शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले जा रहे थे। शाम पांच बजे जुलूस कोतवाली के सामने पहुंचा था। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में जुलूस शांतिपूर्ण निकाला जा रहा था।
सीओ सिटी शील कुमार और शहर कोतवाल ऋषिराम कठेरिया खुद जुलूस में पुलिस व्यवस्था देख रहे थे। लोग बड़े अमन चैन से जुलूस निकाल रहे थे। इसी बीच एक मानसिक रूप से कमजोर महिला जुलूस के बीच में आ गई। वह जय श्रीराम के नारे लगाने के साथ ही रघुपति राघव राजा राम गा रही थी। जुलूस में महिला द्वारा जय श्रीराम के नारे लगाने पर हलचल मच गई। भाग कर पुलिस ने महिला को काबू किया।
वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पुलिस अधीक्षक तथा शहर कोतवाल को अपना निकट संबंधी बता रही थी। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़े धैर्य का परिचय दिया। जिसके चलते शहर का माहौल बिगड़ने से बच गया। सीओ सिटी शील कुमार ने बताया कि जुलूस के बीच एक महिला आ गई थी। वह प्रधानमंत्री व जिले के पुलिस अफसरों को अपना नजदीकी रिश्तेदार बता रही थी। जय श्रीराम के नारे लगाने के अलावा रघुपति राघव राजा राम गा रही थी। उसे काबू में कर जुलूस निकाला गया।