शहर से लेकर गांव की सड़कों पर सैकड़ों जुगाड़ वाहनों का संचालन हो रहा है। जिन पर न तो कोई पंजीकरण नंबर है, न कोई दस्तावेज है। इसके बावजूद जिम्मेदार अफसरों का इस ओर ध्यान नहीं है।
जिलेभर में चल रहे सड़क सुरक्षा अभियानों के बाद भी अधिकारी जुगाड़ वाहनों पर कार्रवाई करने में पीछे हैं। इसके कारण हाईवे समेत अन्य लिंक मार्गों पर इन वाहनों की भरमार है। इनसे हादसे हो भी रहे हैं। इन जुगाड़ वाहनों में बिल्डिंग मेटेरियल से लेकर यात्रियों तक को ढोया जा रहा है। जिले में कई ईंट भट्ठों से ईंट भी इन वाहनों में ढोई जा रही हैं। इस तरह के वाहनों का उप संभागीय कार्यालय में कोई पंजीकरण नहीं होता है। वहीं, सबकुछ जानते हुए भी अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते।
सवारी वाहन के रूप में हो रहा इस्तेमाल
हाईवे पर रजबपुर क्षेत्र में एक जुगाड़ वाहन में एक ही परिवार के 12 सदस्य सफर करते दिखाई दिए। जो दिल्ली की ओर से चलकर आ रहा था और सीतापुर जा रहा था। रास्ते में कई पुलिस चौकी, थाने और चैक पोस्ट मिले, लेकिन किसी भी अधिकारी की जुगाड़ वाहन पर नजर नहीं पड़ी।
- जुगाड़ वाहनों का संचालन करने वालों पर कार्रवाई जारी है। किसी भी सूरत में इस तरह के वाहनों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। कहीं भी यदि ऐसे वाहन चलते पाए जाते हैं, तो सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
- महेश कुमार शर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन