अमरोहा। बुलंदशहर में तैनाती के दौरान फर्जी तरीके से 2.5 लाख रुपये के भुगतान करने के मामले में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता चंद्रशेखर को निलंबित कर दिया गया है। मामला वर्ष 2016 का है। वर्तमान में उसकी तैनाती गंगेश्वरी ब्लॉक में है। बुलंदशहर में तैनाती के दौरान इंटरलॉकिंग भुगतान के लिए माप पुस्तिका में गड़बड़ी की थी। फिलहाल अवर अभियंता को अधीक्षण अभियंता मेरठ कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
वर्ष 2016 में बुलंदशहर ब्लॉक के चौगानपुर में अवर अभियंता चंद्रशेखर ने इंटरलॉकिंग कराया था। इसमें अरुण वाल्मीकि के मकान से नाथूराम गुप्त के मकान तक के इंटरलॉकिंग के लिए भुगतान में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद मामले की जांच हुई, जिसमें 18 मई 2016 को द्वितीय रनिंग बिल का 18 मई 2016 को भुगतान किया गया था। इसके बाद माप पुस्तिका में तृतीय और अंतिम बिल के तौर पर उक्त काम को भी दर्शाया गया। जांच टीम ने निजी हित में फर्जी मापांकन कर 2,50,261 रुपये की क्षति पहुंचाने का मामले को उजागर किया था। इसके बाद उन्होंने जांच रिपोर्ट मुख्य अभियंता को सौंपी। जांच टीम ने अभिलेखों की पड़ताल के बाद अवर अभियंता चंद्रशेखर को दोषी ठहराया। मुख्य अभियंता दिनेश कुमार ने जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबित कर दिया है।