अमरोहा के बाजार जट निवासी कारोबारी इमरान पाशा का मोहल्ले में ही स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के पास 48 गज का प्लॉट है, जिस पर इमरान को दुकान का निर्माण करना था। उन्होंने करीब छह माह पहले दुकान का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए क्षेत्र कार्यालय में आवेदन किया था। आरोप है कि विनियमित क्षेत्र के जेई भानु प्रताप सिंह ने नक्शा स्वीकृत करने के एवज में 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। रकम नहीं देने पर उन्होंने नक्शा स्वीकृत नहीं किया और टालमटोल करने लगे।
विनियमित क्षेत्र के जेई भानु प्रताप सिंह के उत्पीड़न से परेशान कारोबारी इमरान पाशा ने एंटी करप्शन मुरादाबाद कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। मंगलवार को एंटी करप्शन इंस्पेक्टर सुखवीर सिंह भदौरिया के नेतृत्व में दो टीमें अमरोहा पहुंचीं और जेई को उनके कार्यालय में नजरबंद कर लिया। जेई ने कारोबारी इमरान को 60 हजार रुपये मधुराम बैंक्वट हॉल के पास फोटो स्टेट की दुकान चलाने वाले शादाब को देने के लिए कहा था। इमरान ने बिचौलिया शादाब को उसकी दुकान पर 60 हजार दिए।
शादाब ने रुपये गिनकर जेई को हैंड फ्री फोन कॉल कर रकम मिलने और इमरान पाशा का काम करने की बात कही। फोन कटते ही एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर नवल कुमार की टीम ने बिचौलिया शादाब को पकड़ लिया था, जबकि तहसील में मौजूद इंस्पेक्टर सुखवीर सिंह भदौरिया की दूसरी टीम ने जेई को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में अमरोहा नगर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और षड्यंत्र के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
- बुधवार को एंटी करप्शन की टीम जेई भानू प्रताप सिंह और बिचौलिया को अपने साथ बरेली कोर्ट ले गई। यहां से न्यायालय में दोनों को जेल भेज दिया है
। - अरुण कुमार, सीओ सिटी
बिचौलिये के जरिये रकम की लेनदेन करता था जेई
अमरोहा। एंटी करप्शन की प्राथमिक जांच में सामने आया कि विनियमित क्षेत्र का जेई भानू प्रताप सिंह रिश्वत की रकम की लेनदेन फोटो स्टेट की दुकान चलाने वाले बिचौलिये शादाब हुसैन के जरिये करता था। इसके बदले शादाब जेई से कमीशन लेता था। एंटी करप्शन की टीम ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ षड्यंत्र की धारा भी लगाई है।
अमरोहा निवासी पीड़ित कारोबारी इमरान पाशा ने एंटी करप्शन की टीम को एक पुराने वीडियो का पेन ड्राइव भी दिया है, जिसमें विनियमित क्षेत्र का जेई भानू प्रताप सिंह रुपयों की मांग कर रहा है। यह वीडियो 27 जनवरी 2025 की है। एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह भदौरिया की दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक, जेई भानू प्रताप सिंह और शादाब हुसैन षड्यंत्र करके सरकारी जायज कार्य करने के लिए रिश्वत लेते हैं। रिश्वत लेने के बाद शादाब हुसैन जेई भानू प्रताप रकम देता था और कुछ कमीशन के रूप में हिस्सा लेता था। जांच में सामने आया कि जेई का बिचौलिये शादाब हुसैन के माध्यम से रिश्वत का यह खेल काफी समय से चल रहा था।
व्हाट्सएप कॉल से दोनों में होती थी बात
इस संबंध में कई लोगों ने रिश्वत मांगने का वीडियो बनाया है। अगर किसी से जेई भानू प्रताप सिंह को रिश्वत लेनी होती थी तो वह उसे फोटो स्टेट की दुकान मालिक शादाब हुसैन को देने के लिए कहता था। रुपये के लेनदेन की बात दोनों व्हाट्सएप कॉल पर करते थे। वहीं, बिचौलिया शादाब हुसैन की दुकान के पास ही जेई भानू प्रताप सिंह का किराए पर रहते है। इसलिए दोनों को रिश्वत के रुपयों के आदान-प्रदान में कोई दिक्कत नहीं होती है। फिलहाल, एंटी करप्शन की टीम उनकी तलाश में जुटी है, जिन लोगों से पहले भी रिश्वत मांगी गई थी।