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Amroha News: 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते जेई गिरफ्तार, बिचौलिया भी दबोचा

Wed, 12 Feb 2025 02:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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एंटी करप्शन टीम की गिरफ्त में विनियमित क्षेत्र के जेई व विचौलिया। संवाद
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अमरोहा।
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मुरादाबाद एंटी करप्शन की टीम ने अमरोहा विनियमित क्षेत्र के जेई भानू प्रताप सिंह और फोटो स्टेट की दुकान चलाने वाले बिचौलिया शादाब को 60 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार कर लिया। प्लॉट का नक्शा स्वीकृत करने के नाम पर रकम मांगी गई थी। टीम ने जेई व बिचौलिया को गिरफ्तार कर अमरोहा नगर कोतवाली के सुपुर्द कर दिया।
अमरोहा के मोहल्ला बाजार जट निवासी कारोबारी इमरान पाशा का मोहल्ले में ही स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के पास 48 गज का प्लॉट है। इमरान को दुकान का निर्माण करना था। उन्होंने छह महीने पहले दुकान का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए क्षेत्र कार्यालय में आवेदन किया था। आरोप है कि विनियमित क्षेत्र के जेई भानु प्रताप सिंह नक्शा स्वीकृत करने के एवज में 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। रुपये नहीं दिए तो उन्होंने नक्शा स्वीकृत नहीं किया और टालमटोल करने लगे। लगातार विनियमित क्षेत्र के जेई भानु प्रताप सिंह के उत्पीड़न से परेशान कारोबारी इमरान ने एंटी करप्शन मुरादाबाद कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
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शिकायत पर मंगलवार को एंटी करप्शन इंस्पेक्टर सुखवीर सिंह भदौरिया के नेतृत्व में दो टीमें अमरोहा पहुंचीं। जेई अपने तहसील स्थित कार्यालय में बैठे थे। जेई ने कारोबारी इमरान पाशा को 60 हजार रुपये मधुराम बैंक्वट हॉल के पास फोटो स्टेट की दुकान चलाने वाले शादाब को देने के लिए कहा। इस बीच एंटी करप्शन की दोनों टीमों ने जेई और बिचौलिया शादाब को पकड़ने के लिए अपना जाल बिछा लिया। इमरान ने बिचौलिया शादाब को उसकी दुकान पर 60 हजार रुपये दिए तो शादाब ने जेई भानु प्रताप सिंह को हैंड फ्री फोन कॉल करके रुपये मिलने और इमरान पाशा का काम करने की बात कही। फोन कटते ही एंटी करप्शन की टीम ने बिचौलिया शादाब को पकड़ लिया। उधर, दूसरी टीम ने तुरंत ही जेई भानु प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
इस दौरान जेई भानु प्रताप एंटी करप्शन की टीम के सामने गिड़गिड़ाने लगे और आरोप को झूठा बताया। टीम दोनों को गिरफ्तार कर कोतवाली ले आई, जहां दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
कॉल की रिकॉडिंग व वीडियो बनेंगे साक्ष्य

साक्ष्य के रूप में शादाब और जेई भानु प्रताप सिंह के बीच हैंड फ्री फोन कॉल की रिकॉडिंग और वीडियो है। यह रिकॉडिंग और वीडियो को एंटी करप्शन टीम ने सुरक्षित कर लिया है। उधर, मंगलवार की दोपहर एंटी करप्शन इंस्पेक्टर सुखवीर सिंह भदौरिया के नेतृत्व में टीम अमरोहा पहुंची। यहां खुद इंस्पेक्टर सुखवीर सिंह भदौरिया ने तहसील में जेई भानू प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया। जबकि, इंस्पेक्टर नवल कुमार ने फोटो स्टेट की दुकान चलाने वाले बिचौलिया शादाब को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। दोनों टीमों ने एक ही समय पर कार्रवाई की।
बदायूं जिले का रहने वाले है जेई अभी गाजियाबाद में निवास
जेई भानु प्रताप सिंह मूलरूप से बदायूं जिले के कादरचौक थाना क्षेत्र के जिंसी नगला के रहने वाले हैं। उनका हाल पता गाजियाबाद में कविनगर क्षेत्र के शास्त्री नगर मकान नंबर 143 है। जबकि, बिचौलिया शादाब अमरोहा नगर के जलीलाबाद का रहने वाला है और वह मधुरम बैंक्वट हॉल के पास फोटो स्टेट की दुकान चलाता है।
2003 में हुई भर्ती, 2027 में सेवानिवृत्त
एंटी करप्शन इंस्पेक्टर सुखवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि बिचौलिये के जरिए रिश्वत लेते पकड़े गए जेई भानू प्रताप सिंह चार जुलाई 2003 को सेवा में आए थे। जबकि वह 31 मार्च 2027 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
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क्या है विनियमित क्षेत्र
बड़ी नगर पालिकाओं के शहर के सुनियोजित विकास के लिए उत्तर प्रदेश शासन की ओर से विनियमित क्षेत्र का गठन किया गया है। विनियमित क्षेत्र का मुख्य दायित्व मानचित्रों की स्वीकृति और ले-आउट की स्वीकृति प्रदान करना है। जिसमें बिजली, सड़क, पार्क व सुनियोजित जल निकासी की मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। डीएम इसके नियत प्राधिकारी व एसडीएम विनियमित प्राधिकारी होते हैं। अमरोहा में विनियमित क्षेत्र का कार्यालय तहसील सदर में है। यहीं पर विनियमित क्षेत्र भानू प्रताप सिंह की तैनाती है।
- झूठा फसाया गया हूं, लेकिन कोई बात नहीं। आज अमरोहा के भूमाफिया को मुक्ति मिलेगी। -भानु प्रताप सिंह, जेई विनियमित क्षेत्र अमरोहा तहसील
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