पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार दोपहर दोनों बहनों के शव घर पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। पिता कौपिन बेटियों को प्यार कर फफक पड़े। बोले, मेरा सब कुछ उजड़ गया। ग्रामीणों ने किसी तरह कौपिन को संभाला। अंतिम संस्कार के लिए दोनों बहनों की अर्थी उठते ही चीख पुकार मच गई।
ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। दोनों बहनों की घर से एक ही अर्थी उठी और एक ही चिता पर दोनों का तिगरी गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। मंगलवार दोपहर तक पोस्टमार्टम हाउस पर बहादुरपुर खुर्द के ग्रामीणों का जमावड़ा लगा रहा। बेटियों को याद कर बिलख रहे कौपिन को लोगों ने बार-बार संभाल। करीब दो बजे परिजन अनुष्का और किट्टो का शव लेकर गांव पहुंचे। घर पर पहले से रिश्तेदार और परिचितों की भीड़ लगी हुई थी। जैसे ही दोनों बहनों के शव एंबुलेंस से उतरते ही लोगों के बीच चीख पुकार मच गई। घर में जन सैलाब उमड़ा हुआ था। मासूम बहनों को एक साथ देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई।
पिता कौपिन ने दोनों बेटियों को प्यार किया और बिलखने लगा। किसी तरह लोगों ने कौपिन को संभाला। बार-बार कौपिन यही कह रहा था कि मेरा परिवार उजड़ गया। इसके बाद तुरंत ही ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार की तैयारी की। दोनों बहनों को एक ही अर्थी में गंगा घाट ले जाया गया और एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान ग्रामीणों में सोनिया के प्रति आक्रोश भी देखने को मिला। हर कोई सोनिया को कोस भी रहा था।