कांग्रेस से गठबंधन के बाद समाजवादी पार्टी ने आखिरकार अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। जिले की नौगावां सादात विधानसभा सीट पर जहां उन्होंने मौलाना जावेद आब्दी को प्रत्याशी बनाया है, वहीं मौजूदा विधायक और पहले घोषित किए प्रत्याशी हाजी इकरार अंसारी का पत्ता साफ कर दिया है। इसके अलावा अमरोहा विस सीट से महबूब अली और हसनपुर से कमाल अख्तर चुनाव लड़ेंगे, जबकि धनौरा सीट कांग्रेस के खाते में गई है।
कई दिनों से समाजवादी पार्टी में घमासान मचा था। मुलायम सिंह ने जहां नौगावां सादात विस सीट से हाजी इकरार अंसारी को सपा प्रत्याशी घोषित कर दिया था, वहीं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मौजूदा विधायक अशफाक अली खां पर हाथ रखकर उनसे चुनावी तैयारी में जुटने को कहा था। अब पार्टी हाईकमान का मामला शांत हो गया। कांग्रेस से गठबंधन भी हो गया। कई दिन से टिकटों को लेकर समर्थकों की बेचैनी को गुरुवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दूर कर दिया।
सीएम ने नौगावां सादात सीट पर मौजूदा विधायक और पूर्व में घोषित किए प्रत्याशी का टिकट काट दिया है, जबकि सिंचाई विभाग के सलाहकार मौलाना जावेद आब्दी पर भरोसा जताया है। प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है।
इसके अलावा अमरोहा विस सीट पर मौजूदा विधायक महबूब अली को ही टिकट दिया है। यही स्थिति हसनपुर विधानसभा सीट की रही है। वहां से मौजूदा विधायक कमाल अख्तर को चुनावी दंगल में उतारा है। जबकि धनौरा विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में गई है। यहां बता दें कि मुलायम सिंह यादव ने इस सीट से उर्वशी को सपा प्रत्याशी बनाया था। सीएम की सूची में पूर्व मंत्री जगराम सिंह को स्थान मिला था।