मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग तमाम जतन कर रहे हैं। अब जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र खोलने का फैसला किया है।
सरकारी अस्पताल में ओपीडी करने वाले चिकित्सक मरीजों को ब्रांडेड कंपनियों की महंगी दवा नहीं लिखेंगे। केवल प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की सस्ती जेनेरिक दवा ही लिखी जाएंगी। प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जन औषधि केंद्र खोले जाने के लिए एजेंसी को जगह भी उपलब्ध करा दी गई है।
अब तक केवल जिले में केवल जिला अस्पताल जन औषधि केंद्र संचालित है। जबकि, आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र नहीं हैं। जिसका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। विभाग की ओर से अब सभी सीएचसी पर भी सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने को लेकर जन औषधि केंद्र खोलने की कवायद शुरू कर दी गई है। आमतौर पर गरीब वर्ग के लोग महंगी दवाओं के चलते अपना सही इलाज नहीं करवा पाते हैं, लेकिन इन केंद्रों के माध्यम से वह जरूरी दवाओं को सस्ती दरों पर खरीद सकेंगे। कई बार मरीजों को डॉक्टर द्वारा लिखी गई महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती हैं।
ऐसे में जन औषधि केंद्रों से उन्हें कम कीमत में वैकल्पिक दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और मरीजों की संख्या में भी इजाफा होगा। अब लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि अस्पताल परिसर में खुले केंद्र पर ही वह दवा सस्ती दर पर मिल सकेगी। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि सभी सीएचसी पर जनऔषधि केंद्र खोलने की कवायद की जा रही है। शासन की ओर से नामित संस्था सभी प्रक्रिया पूर्ण कर रही है।
600 जेनेरिक दवाएं व सर्जिकल सामान रहते हैं उपलब्ध
जन औषधि केंद्रों पर करीब 600 तरह की जेनेरिक दवाइयों के साथ ही सर्जिकल सामान भी उपलब्ध रहते हैं, जो निजी मेडिकल स्टोरों पर मिलने वाली दवाइयों व सामानों से सस्ते होते हैं। सरकारी आपूर्ति में दवाओं की कमी होने पर मरीजों को इन केंद्रों से सस्ती दर पर दवा सुगमता से मिल सकेगी।