बरसात के मौसम से पहले ही जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी है। डीएम बीके त्रिपाठी ने अधीनस्थों को संभावित बाढ़ को लेकर खाद्य सामग्री, पेट्रोल, डीजल, इधन गैस आदि सामानों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए है। जिसे जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सके। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नहर, गंगा से अवैध कटान की निगरानी करने को कहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग को संक्रामक रोगों एवं महामारी से बचने के लिए उचित व्यवस्था एरने के निर्देश दिए हैं।
वह सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में संभावित बाढ़ से संबंधित बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि दैवी आपदा से प्रभावित संवेेदनशील क्षेत्रों का विवरण, संसाधन, शरणालय, बाढ़ राहत केंद्रों को स्थापित किया जाए। बाढ़ के फलस्वरूप क्षतिग्रस्त तटबनंधों के पुर्ननिर्माण और पुर्नस्थापना की योजना पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को संभावित बाढ़ के दृष्टिगत खाद्य सामग्री, पेट्रोल, डीजल, ईंधन व गैस आदि की उचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए हैं। जिससे किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।
अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि विद्युत आपूर्ति सुचारु रूप से सप्लाई हो। इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाए। सिंचाई विभाग के अधिकारी नहरों के अवैध कटान पर कड़ी निगरानी रखेंगे। उन्होंने सीएमओ को मनुष्यों को संक्रामक रोगों और महामारियों से बचाने के लिए चिकित्सीय व्यवस्था, टीकाकरण और समुचित स्टाफ की उचित व्यवस्था रखने को कहा है। साथ ही मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के टीकाकरण एवं उपचार के संसाधन एवं दवाओं की उचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए हैं।
कृषि रक्षा अधिकारी को फसलों में रोग बचाव के लिए कीटनाशक दवाओं की समुचित व्यवस्था करने को कहा है। साथ-साथ उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम, लोक निर्माण विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान समस्त विभागों को जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।