अमरोहा की मंडी समिति में अवैध निर्माण
- फोटो : amar ujala
मंडी समिति परिषद में गोलमाल चल रहा है। दो आढ़तियों ने अवैध तरीके से एक हजार वर्ग फीट में टीनशेड डालकर दो गोदाम तैयार कर लिए। इसका न आवंटन हुआ और न टेंडर ही निकाला गया, जबकि नियमानुसार बिना अनुमति के मंडी परिसर में एक ईंट तक नहीं लगाई जा सकती। बावजूद इसके मंडी के तीसरे प्लेटफार्म पर गोदाम के लिए पानी का प्याऊ तक तोड़ डाला गया।
गुलड़िया रोड पर वर्ष 1991 में मंडी समिति परिषद का निर्माण हुआ था। इन 25 वर्षों में आढ़तियों की भरमार हो गई है। फल, सब्जी से लेकर गुड़ खांडसारी का व्यापार भी यहां से ही चलता है। मौजूदा वक्त में यहां सब कुछ गोलमाल चल रहा है। बिना परमिशन मंडी समिति में एक ईंट तक नहीं लगाई जा सकती।
बावजूद इसके समिति के अधिकारियों से साठगांठ करके दो आढ़तियों ने करीब एक हजार वर्ग फीट जमीन पर टीनशेड लगाकर गोदाम बना लिए। इनमें एक गोदाम समिति के दफ्तर से सटा हुआ है और यह खाली स्थान किसानों के मवेशियों को बांधने के लिए संरक्षित है जबकि दूसरा गोदाम मंडी समिति के तीसरे प्लेटफार्म पर पानी के प्याऊ को तोड़कर बनाया गया है।
इस निर्माण के लिए न तो टेंडर ही निकाला गया और न ही आवंटन हुआ। दोनों गोदामों पर एकाधिकारी होने और मंडी समिति के अधिकारियों की कारगुजारी से अन्य आढ़तियों में रोष पनप रहा है।
ये है नियम
मंडी समिति परिषद का अपना निर्माण विभाग है। परिषद की सीमा क्षेत्र में सड़कों का निर्माण हो या फिर परिषद के परिसर में निर्माण कार्य करना हो, यह सब निर्माण विभाग के अधीन है। कार्य के लिए सबसे पहले टेंडर की प्रक्रिया अमल में लाई जाती है। जरूरतमंद आवेदन करते हैं और इसके बाद लाटरी या सुविधा अनुसार जगह का आवंटन कर दिया जाता है। आवेदकों से निर्धारित धनराशि भी वसूल की जाती है।
-मंडी समिति में आढ़तियों की तादाद अधिक है। इस कारण आढ़तियों के बैठने के लिए अस्थाई व्यवस्था की गई है। क्योंकि आढ़तियों से लाखों रुपये की आमदनी होती है।
-निरंकार सिंह, सचिव मंडी समिति परिषद अमरोहा