डिडौली(अमरोहा)। क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। सोमवार शाम डिडौली गांव के जंगल में चारा लेने गए दंपती को तेंदुआ दिखाई दिया। वह गीदड़ के पीछे दौड़ रहा था। सूचना पर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जंगल में पहुंचे, लेकिन तब तक तेंदुआ वहां से निकल चुका था। उधर, चुबका गांव में भी तेंदुए की लगातार मौजूदगी की सूचना पर वन विभाग ने तालाब के पास पिंजरा लगाया है।
डिडौली गांव निवासी नेमपाल सिंह सोमवार शाम अपनी पत्नी पूनम के साथ साठा भूढ़ शिव मंदिर से आगे स्थित अपने बाजरे के खेत पर थे। इसी दौरान उन्हें गीदड़ के पीछे दौड़ता हुआ तेंदुआ दिखाई दिया। पास के खेत में काम कर रहे रामरक्षपाल सिंह भी मौके पर पहुंच गए। तीनों ने गांव लौटकर ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही लाठी-डंडे लेकर ग्रामीण जंगल की ओर दौड़े, लेकिन तेंदुआ जंगल की तरफ निकल गया।
ग्रामीणों के मुताबिक डिडौली क्षेत्र में पिछले तीन महीने से तेंदुए दिखाईं दे रहे हैं। अलग-अलग गांवों और जंगलों में तेंदुआ दिखाई देने की घटनाओं से ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। खेतों में काम करने और पशुओं के लिए चारा लेने जाने वाले लोगों को अनहोनी का डर सता रहा है। उधर, चुबका गांव में लगातार तेंदुआ दिखाई देने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने मंगलवार को तालाब के पास पिंजरा लगाया है।
डिडौली में तेंदुआ दिखाई देने की सूचना पर टीम को मौके पर भेजा गया है। जंगल में निगरानी की जा रही है। फिलहाल चुबका गांव के जंगल में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। जरूरत पड़ने पर डिडौली में भी पिंजरा लगाया जाएगा।
-राजीव कुमार, डीएफओ