नवासा-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन की यौमे विलादत के सिलसिले में ऑल इंडिया मनकबती मुशायरे का आयोजन किया गया। इसमें शायरों ने अपने-अपने कलाम पेश करके खूब वाहवाही लूटी।
मोहल्ला मजापोता स्थित अजाखाना मैमूना खातून में रविवार रात मुशायरे का आयोजन किया गया। अंजुमन जानिसाराने हुसैन के संयोजन में सजी महफिल की शुरुआत कलाम-ए-इलाही से कारी मिर्जा अनस और नात-ए-पाक से अरमान हैदर साहिल ने की।
लखनऊ से आए हुए मौलाना अल्लामा बिलाल काजमी ने इमाम हुसैन की जिंदगी के बाते में बताया। कहा कि इमाम हुसैन ने पूरी दुनिया को अमन के साथ ही इंसानियत का पैगाम दिया। दुनिया रहते उनका जिक्र यूं ही चलता रहेगा। मुशायरे में कलाम पेश करते हुए खुर्शीद हैदर मुजफ्फरनगरी ने कहा, खास जहरा का है करम मुझ पर, लब पर जो मनकबत हुसैन की है।
मंगलौर से आए मौलाना मेराज ने कहा, अली की जान मोहम्मद के चैन आए हैं, के इब्ने फातहे बद्रो हुसैन आए हैं। मौलाना बिलाल काजमी ने कहा, ऐसा सदाबहार है यह गम हुसैन का, पत्ता भी इस दरख्त का सूखा कभी नहीं। डॉ.गुलशन बिजनौरी ने पढ़ा, जिसको हैदर की गुलामी का शरफ मिल जाए, वो कभी देश का गद्दार नहीं हो सकता। शहंशाह बिजनौरी ने पढ़ा, कर्बला ले तुझे मुबारक हो, आज तेरा हुसैन आया है।
इनके अलावा मुशायरे में असद नसीराबादी, आगा सरोश हैदराबादी, अमीर अकबर आगरा, शहजादा गुलरेज, जावेद आसी देवबंदी आदि ने भी कलाम पेश किया। अध्यक्षता मौलाना रजा काजिम तकवी ने जबकि संचालन सलीम अमरोहवी ने किया।