गजरौला। कोरोना संक्रमित गाजियाबाद निवासी महिला की मौत होने पर पहले ब्रजघाट और फिर गंगाधाम तिगरी में शव लेकर आए परिजनों ने अंत्येष्टि के लिए चिता तैयार की तो लकड़ियां कम पड़ गईं। जानकारी होने पर वहीं मौजूद एक ग्रामीण ने अपने घर से लकड़ियां और उपले लाकर दिया। इसके बाद महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
शनिवार की शाम लगभग सात बजे तिगरी में एक महिला के शव को अंतिम संस्कार के लिए लाया गया। बताते हैं कि साथ आए परिजनों ने गाड़ी में लाई गईं लकड़ियों से उनके लिए चिता तैयार की। लकड़ियां कम पड़ गईं। यह देख साथ आए लोग परेशान हो उठे। रात में सूखी लकड़ियों की व्यवस्था को लेकर उन्होंने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। इसी दौरान पता चला कि मृतका कोरोना पॉजिटिव है और गाजियाबाद में रहती थीं। साथ आए लोगों ने बताया कि पहले वह शव को लेकर ब्रजघाट गए थे लेकिन वहां जगह ही नहीं मिल सकी। इसके बाद ही वे शव को लेकर यहां आए हैं। बताते हैं कि उनकी व्यथा देख गांव के ही एक शख्स ने उन्हें अपने घर से ईंधन (लकड़ी और उपले) लाकर दिए। इसकी एवज में उसने रुपये भी नहीं लिए। इसके बाद ही महिला का अंतिम संस्कार हो सका। गांव निवासी पंडित गंगासरन शर्मा ने बताया कि इन दिनों गंगाधाम तिगरी में दिल्ली, एनसीआर, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ आदि से भी शवों को अंतिम संस्कार के लिए लाया जा रहा है। घाट पर रात भर चिताएं जलती हैं।