गजरौला। पुलिस के हड़काने से डरे दो छात्रों ने होटल स्वामी पर डेढ़ महीने की मजदूर छोड़ दी। उन्होंने अपने कॉलेज के प्रधानाचार्य से बताया कि पुलिस ने मदद करने की जगह उन्हें ही हड़काया। वह इस कदर डर गए कि होटल संचालक से मजदूरी मांगने का इरादा छोड़ दिया।
नगर के एक इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट में पढ़ाई कर रहे दो छात्रों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। पढ़ाई के साथ ही वह अभी से नौकरी लगे। परिजनों ने कोचिंग की फीस देने से इन्कार कर दिया। जिस पर उन्होंने डेढ़ महीने तक शहवाजपुर डोर स्थित एक होटल में काम किया। उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वह दिन में काम करते, जबकि रात में पढ़ाई थे। काम के दौरान एक छात्र से कुछ गलती हो गई। जिस पर दोनों को काम से निकाल दिया गया। उनका आरोप है कि होटल संचालक ने डेढ़ महीने की मजदूरी नहीं दी। उन्होंने कॉलेज के प्रधानाचार्य को अपनी पीड़ा सुनाई।
दोनों ने थाना में पुलिस से शिकायत की। पुलिस से मदद का आश्वासन मिलने पर दोनों छात्र होटल में गए। उन्होंने अपनी मजदूरी मांगी। उनका आरोप है कि होटल पर उनको कमरे में बंद कर दिया गया। यहां से उन्होंने डायल यूपी 112 को फोन किया। सूचना पर पुलिसकर्मी मौके पर गए। कॉलेज प्रधानाचार्य का आरेाप है कि पुलिसकर्मियों ने छात्रों की मजदूरी नहीं दिलाई, बल्कि उल्टा छात्रों को ही हड़काया। जिससे वह दोनों बेहद डर गए। वह होटल पर मजदूरी मांगने नहीं जाएंगे। प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने भी पुलिसकर्मियों से फोन पर बात की। पुलिसकर्मियों ने उनसे भी ऊंची आवाज में बात की। वह मजदूरी दिलाने की बजाय होटल स्वामी की पैरवी अधिक कर रहे थे।