- पूर्वांचल की ओर जाने वाली ट्रेनों में 120 से अधिक की वेटिंग
अमरोहा। 14 मार्च को होली का त्योहार मनाया जाएगा। अमरोहा समेत आसपास के जनपदों से पूर्वांचल और अन्य स्थानों की ओर जाने वाली ट्रेनों में सीट की बुकिंग के लिए मारामारी शुरू हो गई है। होली से चौदह दिन पहले ही ट्रेनोंं में सीटें भर चुकी हैं। जिसके कारण 120 से अधिक सीटें वेटिंग हो गई है। दूसरे शहरों से घर लौटने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
होली पर घर जाने के लिए ट्रेनों में अभी से ही सीटों के लिए मारामारी शुरू हो गई है। लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनों में सीटें फुल हो गईं हैं। अवध असम, सदभावना एक्सप्रेस, राज्यरानी, पद्मावत, काशी विश्वनाथ समेत कई ट्रेनों में स्लीपर और थर्ड एसी कोच में अभी से सीटें नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में होली पर यात्रियों को घर जाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आसपास के जिलों में बड़ी संख्या में दूसरे जिलों व राज्यों के लोग नौकरी, व्यवसाय करते हैं, लेकिन लोग त्योहारों को अपने घरों पर मनाने का प्रयास करते हैं। त्योहार पर घर जाने के लिए लोग एक माह पहले से ही टिकट बुक कराने लगते हैं। जिसके चलते 14 दिन पहले से ही ट्रेनों में सीटें फुल हो गईं हैं। आईआरसीटीसी साइट के मुताबिक कई ट्रेन ऐसी हैं, जिनकी वेटिंग 120 से अधिक पहुंच गई है। जैसे-जैसे होली का त्योहार नजदीक आएगा, वैसे ही वेटिंग की संख्या दो सौ के पार पहुंचने की संभावना है।सरकारी और गैर सरकारी नौकरी करने वाले ऐसे लोग जो पूर्वांचल समेत अन्य स्थानों से आकर दिल्ली एनसीआर समेत अमरोहा की तरफ नौकरी कर रहे हैं, उन्हें होली पर घर जाने के साथ-साथ आने में भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
अमरोहा से लंबी दूरी की ट्रेन
अवध असम एक्सप्रेस : 15909
काशी विश्वनाथ : 15127
पदमावत एक्सप्रेस : 14207
सत्याग्रह एक्सप्रेस : 15273
आला हजरत एक्सप्रेस : 14321
सद्भावना एक्सप्रेस : 14007
बोले अधिकारी
होली पर घर आने और जाने के लिए लोगों ने टिकट बुकिंग शुरू कर दी है, जिसके चलते ट्रेनों में वेटिंग बढ़ गई है। होली पर यात्रियों के आवागमन को लेकर स्पेशल ट्रेनें चलाईं जाएंगी। जिन ट्रेनों को चलाया जाएगा, उनकी जल्द ही सूची जारी की जाएगी।- राम प्रसाद मीणा, स्टेशन अधीक्षक
150 के आसपास ही रहती है वेटिंग
रेलवे द्वारा अधिक वेटिंग टिकट नहीं दिए जाते हैं। इसके लिए ट्रेन में सीट की उपलब्धता के अनुसार एक सीमा तय कर दी गई है। एसी, स्लीपर का अलग अलग वेटिंग की सीमा है, जो करीब 150- 160 के आसपास ही रहता है। यदि किसी यात्री ने वेटिंग में टिकट लिया है और उसकी वेटिंग कन्फर्म नहीं होती है तो स्लीपर का 60 रुपये और एसी का 120 रुपये का चार्ज रेलवे लेता है, बाकि पैसे यात्री को वापस कर दिए जाते हैं।