अमरोहा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हसनपुर और मंडी धनौरा क्षेत्र के संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। दोनों तहसीलों में 11 बाढ़ स्वास्थ्य चौकियां भी स्थापित की गई हैं। इसके अलावा गांवों में फॉगिंग, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव और लोगों को मलेरिया, डेंगू, बुखार व जलजनित रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।
बरसात में जनपद के गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ आ जाती है। हर साल फसलें खराब होने से किसानों को काफी नुकसान होता है। लोगों का कहना है कि इसका कोई स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। जिससे बाढ़ जैसी आपदा से बचा सके। बाढ़ग्रस्त गांवों में बीमारियां फैलने का खतरा बन जाता है। इसकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभी ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। सीएमओ डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि बाढ़ चौकियों पर तो दवाएं उपलब्ध रहेंगी। साथ ही गांवों में भी शिविर लगाकर दवाओं का वितरण कराया जाएगा। फागिंग भी कराई जाएगी।
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पशुओं की सुरक्षा पर जोर
अमरोहा। संभावित बाढ़ को देखते हुए पशुपालन विभाग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील गांवों में पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर पशुओं को खुरपका-मुंहपका समेत अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के टीके लगा रही हैं। साथ ही पशुपालकों को पशुओं की देखभाल, स्वच्छता और बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आभा दत्त ने बताया कि उन गांवों में पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। जहां पर बाढ़ की संभावना बनी रहती है। पशु चिकित्सालयों में दवाओं का भी इंतजाम किया गया है। संवाद