करनपुर माफी में बनाया गया तहसील और आवासी भवन का निर्माण कार्य करीब पूरा हो गया है। जल्द इसके शुरू होने की उम्मीद है। उधर, काफी समय से नए भवन में तहसील का संचालन शुरू नहीं होने से किसानों और वकीलों में रोष है।
वर्ष 2016 में तत्कालीन सपा सरकार ने करीब सौ साल से ज्यादा पुरानी और जर्जर हो चुकी हसनपुर शहर के बीच में स्थित तहसील के भवन को ध्वस्त कराने और यथा स्थान पर मल्टी स्टोरी नवीन भवन का निर्माण शुरू कराया था। लेकिन, 2017 में प्रदेश में सरकार बदलने पर निर्माण कार्य रुक गया था। इसी बीच भाकियू नेता व गांव करनपुर माफी निवासी देवेंद्र सैनी ने करनपुर माफी में तहसील के नाम से दर्ज भूमि में तहसील का नवीन भवन निर्माण की मांग करते हुए हाईकोर्ट में पहुंचे थे। हसनपुर के पूर्व अध्यक्ष अलीमुद्दीन सैफी ने भी तहसील भवन के निर्माण कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़े थे।
हालांकि राज्य सरकार, विधायक महेंद्र खड़गवंशी अन्य के हस्तक्षेप के बाद तय हुआ कि नई तहसील का निर्माण गांव करनपुर माफी में ही कराया जाएगा। कार्यदायी संस्था वीजा इंजीनियरिंग एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा नई तहसील का निर्माण कार्य 25 जून 2021 को शुरू किया गया था। नई तहसील का निर्माण कार्य लगभग 9.50 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। इसमें लगभग कार्य पूरा हो चुका है। केवल आवासीय भवनों में कुछ हिस्से पर लकड़ी का कार्य शेष है। जो 8 से 10 दिन में पूरा हो सकता है।
आठ साल से अस्थाई रूप से मंडी समिति में हो रहा तहसील का संचालन
हसनपुर। आठ साल से हसनपुर में तहसील का संचालन अस्थाई रूप से मंडी समिति में किया जा रहा है। 2016 में तहसील भवन के निर्माण होने के दौरान दो साल के लिए अस्थाई रूप से तहसील का संचालन मंडी समिति में शुरू किया गया था, लेकिन अब पूरे आठ साल हो गए हैं। भाकियू बीआरएसएस के राष्ट्रीय प्रवक्ता देवेंद्र सैनी का कहना है नए भवन में तहसील का संचालन शुरू कराने के लिए जल्द आंदोलन शुरू किया जाएगा। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से नए भवन में तहसील का संचालन नहीं हो पा रहा है।
- नए भवन में आवासीय भवनों के निर्माण में कुछ कार्य शेष रह गया है। कार्य पूरा होने पर जल्द ही नए भवन में तहसील का संचालन शुरू कराया जाएगा।
- सुनीता सिंह, एसडीएम।