रजबपुर। तमिलनाडु के कांचीपुरम में आयोजित 63वीं अखिल भारतीय शास्त्रीय स्पर्धा में गुरुकुल चोटीपुरा की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 12 स्वर्ण पदक, एक स्वर्ण शलाका और पांच रजत पदक हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश को देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि प्रथम स्थान कर्नाटक प्रांत को मिला। सोमवार को जब विजेता छात्राएं गुरुकुल चोटीपुरा पहुंचीं तो उनका भव्य स्वागत किया गया।
अखिल भारतीय शास्त्रोत्सव के अंतर्गत 10 से 13 मार्च तक केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली की ओर से यह प्रतियोगिता कांचीपुरम स्थित श्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती विश्वमहाविद्यालय में आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 800 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। गुरुकुल चोटीपुरा की 20 छात्राओं के दल ने बीस अलग-अलग शास्त्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया और शानदार सफलता हासिल की। समापन समारोह 13 मार्च को आयोजित हुआ, जिसमें कांची कामकोटि पीठाधीश्वर विजयेंद्र सरस्वती मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती विश्वमहाविद्यालय के कुलाधिपति पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. वेम्पटि कुटुम्ब शास्त्री, कुलपति प्रोफेसर डॉ. जी श्रीनिवासुलु, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर गायत्री मुरलीकृष्णन् सहित कई विद्वान मौजूद रहे। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास वरखेडी ने स्वागत भाषण के साथ पुरस्कार वितरण समारोह की शुरुआत की।
सोमवार को जब विजेता छात्राएं गुरुकुल चोटीपुरा पहुंचीं तो उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर गुरुकुल की प्राचार्या डॉ. सुमेधा ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। गुरुकुल परिवार और शिक्षिकाओं ने भी इस उपलब्धि पर सभी छात्राओं को शुभकामनाएं दीं।
इन्होंने जीते पदक
प्रतियोगिता में गुरुकुल की छात्रा श्रेया साहू ने साहित्य शलाका में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण शलाका हासिल की। इसके अलावा निशा, जिज्ञासा खंडेवाल, रिया, ऋचा राजेश्वर, नंदिता तिवारी, परिजा, संगम सिरोही, रोशनी आर्या, शिवानी कुमारी, तानिया दांगी और शगुन ने विभिन्न विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीते। वहीं अंजलि, गायत्री उपाध्याय, आर्या, अदिति, प्रीतिका पटेल और आभा वेदवादिनी ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर रजत पदक हासिल किए।