अमरोहा। सरकारी ठेकेदार मुरसलीन अहमद ने प्रथमा बैंक से प्लॉट की रजिस्ट्री की मूल कॉपी को बंधक रखकर सात लाख रुपये का ऋण ले लिया लेकिन बैंक की जांच में मौके पर कोई प्लॉट नहीं मिला। शाखा प्रबंधक ने ठेकेदार मुरसलीन अहमद, उनकी पत्नी शबनम और दूसरे ठेकेदार जाने आलम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक मंडी समिति अमरोहा के शाखा प्रबंधक की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक अमरोहा के मोहल्ला चाहमुल्लामान निवासी मुरसलीन अहमद ने अपने दो गारंटर के साथ मिलकर मोहल्ला पारगढ़ तुर्क कॉलोनी में स्थित 76 वर्ग मीटर के प्लाॅट पर 13 मार्च 2015 को सात लाख रुपये का लोन लिया था जो 17 अगस्त 2024 तक 815142 रुपये ब्याज समेत हो गया। तभी से बैंक द्वारा ऋण के बकाये की मांग की जा रही है।
इस बीच बैंक की वसूली टीम ने प्लॉट का निरीक्षण किया तो पता चला कि मुरसलीन अहमद का मौके पर कोई प्लॉट नहीं है।
टीम ने जांच में पाया कि यहां पहले से मौजूद प्लॉट को मुरसलीन अहमद ने 19 फरवरी 2008 को मोहम्मद कासिम को बेच दिया था जबकि मुरसलीन ने बैंक से ऋण साल 2015 में लिया।