किसानों ने अपनी समस्या उठाते हुए कहा कि समय से गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा जल निगम द्वारा गांवों में सड़कें तोड़कर पानी की पाइप लाइन बिछाई गई हैं, लेकिन सड़कों की ठीक ढंग से मरम्मत नहीं की गई है। इस पर डीएम ने कहा कि समय से तोड़ी गईं सड़कों को ठीक करा दिया जाए, अन्यथा कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने चीनी मिलों को समय से गन्ने का भुगतान करने को कहा।
डीएम ने कहा कि जिन स्थानों पर पानी की टंकी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, वहां पर गर्मी को ध्यान में रखते हुए समय से पानी की टंकी चालू कराएं। डीएम ने बिजली विभाग के खराब ट्रांसफार्मर, नए मीटर लगाए जाने, गलत बिल में सुधार और किसानों के प्रार्थनापत्र पर समय से समाधान नहीं होने पर नाराजगी जताई। साथ ही बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को सुधार करने के लिए कहा।
जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लें
डीएम ने जनसुनवाई पोर्टल पर आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेने को कहा। गन्ने का भुगतान के संबंध में चीनी मिल बेलवाड़ा के लंबित भुगतान पर नाराजगी जताई। कहा कि जो चीनी मिले बंद हो गई हैं वह हर हाल में मार्च के अंत तक गन्ने का भुगतान कर दें। किसानों ने चकबंदी को लेकर भी शिकायत की। जिस पर डीएम ने कहा कि चकबंदी सबके हित में है। सभी गांवों में चकबंदी कराई जाएगी और पूरे मानकों का ध्यान रखा जाएगा। इस मौके पर उपनिदेशक कृषि डॉ. रामप्रवेश, जिला कृषि अधिकारी बबलू कुमार, सीवीओ डॉ. आभा दत्त समेत बिजली विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।