अमरोहा। पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार अपंजीकृत डाक्टर के अपहरण का मास्टरमाइंड हेमराज शातिर अपराधी है। 13 साल पहले हेमराज ने पुलिस से बचने के लिए एक युवक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। साथ ही उसके शव को अपनी पत्नी से खुद के रूप में शिनाख्त करा दी थी। लेकिन पुलिस विवेचना में हेमराज की योजना पर पानी फिर गया। पुलिस ने मामला का खुलासा कर उसकी शातिर चाल को फेल कर दिया।
संभल जनपद में असमौली थानाक्षेत्र के गांव पैतिया माफी निवासी हेमराज उर्फ राजेश किसान के घर से ताल्लुक रखता है। करीब 35 बीघा जमीन और परिवार में इकलौता बेटा है। वह बीस साल की उम्र में अपराध की दुनिया में दखल देने लगा। यूपी में मुरादाबाद मंडल, उत्तराखंड में ऊधमसिंह नगर व नैनीताल और हरियाणा में रोहतक को अपना निशाना बनाकर लूट, हत्या और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने लगा। वर्ष 2001 में उत्तराखंड के जिला ऊधमसिंह नगर के काशीपुर थाने में लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। बाद में उसने गिरोह बनाकर एक के बाद एक वारदातों को अंजाम दिया। मुरादाबाद पुलिस ने वर्ष 2004 में गैंगेस्टर घोषित किया था।
वर्ष 2007 में हेमराज उर्फ राजेश ने मुरादाबाद के सूरजनगर पीतलनगरी निवासी अरविंद कुमार का अपहरण कर लिया था। बाद में उसकी हत्या कर नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के भेड़ा भरतपुर में शव फेंक दिया था। हेमराज ने खुद को पुलिस रिकार्ड में मृत दर्शाने के लिए अरविंद के चेहरे को कुचल दिया और अपने कपड़े पहना दिए थे। अपना पहचानपत्र घटनास्थल पर डाल दिया था, जिससे शव की पहचान हेमराज के रूप में हो सके। प्लान के तहत उसकी पत्नी ने शव की पहचान हेमराज के रूप में की थी। बाद में नौगांवा सादात पुलिस ने हेमराज की हत्या की एफआईआर दर्ज कर विवेचना की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। विवेचना में पता चला कि मरने वाला व्यक्ति हेमराज नहीं बल्कि मुरादाबाद निवासी अरविंद है। अरविंद के अपहरण की एफआईआर मुरादाबाद कोतवाली में पहले से दर्ज थी। इसके बाद नौगांवा सादात थाने में हत्या की एफआईआर को मुरादाबाद कोतवाली ट्रांसफर किया गया था।
पैसे का लालच देकर खुद की जगह गांव के युवक से कराया सरेंडर
अमरोहा। इतना ही नहीं हेमराज ने करीब छह साल पहले खुद को बचाने के लिए एक और कृत्य को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हेमराज मुरादाबाद में दर्ज पांच मुकदमों में वांछित चल रहा था। इसलिए पुलिस से बचने के लिए उसने रुपये का लालच देकर गांव के युवक को हेमराज बनाकर न्यायालय में सरेंडर करा दिया था। काफी दिनों तक युवक की जमानत नहीं हुई। युवक जेल में था। जबकि हेमराज आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा था। लेकिन बाद में उसकी इस कारस्तानी की पोल खुल गई। एक मामले में उसकी जगह जेल में युवक को उत्तराखंड न्यायालय में पेशी पर जाना पड़ा। जहां एक अन्य बदमाश मौजूद था। इस दौरान युवक ने जब खुद को हेमराज बताया तो बदमाश चौंक गया। उसने बताया कि यह हेमराज नहीं है, उसने उसे अच्छी तरह से जानने की बात कही। इसके बाद प्रकरण में विभागीय जांच कराई गई थी। जिससे हेमराज के कृत्य का खुलासा हुआ था।
हरियाणा और गुड़गांव को बनाया था अपना ठिकाना
अमरोहा। 11 अगस्त की रात कैलसा से अपंजीकृत बंगाली डॉक्टर के अपहरण का हेमराज की मास्टमाइंड था। उसने ही साथियों के साथ मिलकर रुपये के लिए डॉक्टर का अपहरण कराया था। तभी से पुलिस को उसकी तलाश थी। पुलिस ने उसके ऊपर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। हेमराज पर कुल 40 मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। वह अमरोहा जिले के टॉपटेन बदमाशों में पहले नंबर पर था। पुलिस से बचने के लिए वह हरियाणा के जमालपुर गुड़गांव में रह रहा था। फिलहाल वह गजरौला पुलिस की मुठभेड़ में घायल हो गया है।