फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा उफनाई, टापू पर बसे गांव पानी से घिरे

विज्ञापन
अमरोहा जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण गजरौला के दारा नगर गांव में भरा पानी। संवाद - फोटो : JPNAGAR
विज्ञापन
गजरौला(अमरोहा)। बिजनौर बैराज से दो दिन में साढ़े तीन लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा उफान पर है। गंगा के टापू पर बसे गांवों के खेतों में पानी भर गया है। खेतों में पानी पहुंच जाने से ग्रामीणों को जानवरों के लिए हरे चारे की दिक्कत हो रही है। वहीं आगामी फसलों की बुआई भी प्रभावित हो रही है। सरसों, आलू और हरे चारे की फसलों की बुआई की तैयारी कर रहे किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया है।
विज्ञापन

मंगलवार को बिजनौर बैराज से गंगा में एक लाख 20 हजार क्यूसेक और बुधवार को दो लाख 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दो दिन में तकरीबन 3.90 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा में बाढ़ आ गई है। गंगा का जलस्तर 199.70 से बढ़ कर 200.10 मीटर हो गया है। दो दिन में 40 सेंटीमीटर पानी बढ़ जाने से गंगा के आस पास के खेतों को बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया है। गंगा के टापू में बसे दारानगर, शीशोवाली, टीकों वाली, मंदिर वाली भुड्डी सहित कई गांव जल मग्न हो गए हैं। ग्रामीणों के सामने सबसे अधिक किल्लत पशुओं के लिए हरे चारे की हो गई है। किसान मंगत सिंह, महेंद्र सिंह, बालि सिंह, जय नारायण सिंह आदि किसानों का कहना है कि सरसों, आलू और हरे चारे की फसलों की बुआई की तैयारी कर रहे थे, उनके अरमानों पर पानी फिर गया है। क्योंकि खेतों में पानी भर जाने के कारण जल्दी ही जुताई लायक नहीं होंगे। तब तक फसल पिछड़ जाएगी।
विज्ञापन

गंगा में बिजनौर बैराज से दो लाख 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके चलते गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि खतरे के निशान से अभी काफी दूर है।
-अनवार बहादुरखान जेई बाढ़ खंड तिगरी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें