पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से तहसील के खादर क्षेत्र के गांव सीपीया फार्म से रसूलपुर भांवर जाने वाले रास्ते पर पानी भर गया है। मार्ग में पानी भरने की वजह से लोगों के आवागमन अवरुद्व हो गया है।
गांव रसूलपुर भांवर गंगा नदी किनारे बसा है। बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से शुक्रवार की रात सीपीया फार्म गांव से रसूलपुर भांवर को जाने वाले मार्ग पर पानी भर गया। वन विभाग की भूमि से होकर जा रहे इस मार्ग के बंद होने से गांव का संपर्क कट गया है। ग्रामीण सतनाम सिंह, धर्मेंद्र सिंह आदि ने प्रशासन से बरसात के मौसम तक आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था कराने की मांग की है। वही एसडीएम विभा श्रीवास्तव का कहना है कि प्रशासन बाढ़ को लेकर पूरी तरह चौकन्ना है। बाढ़ चौकियां अलर्ट पर हैं। उन्होंने बताया कि अभी पानी खेतों में है। आबादी में पानी आने की कोई सूचना प्रशासन के पास नहीं है।
बिजनौर बैराज से गंगा में छोड़ा गया छह लाख क्यूसेक पानी
गजरौला। बिजनौर बैराज से गंगा में 6,01,824 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि, गंगा के जलस्तर में शनिवार को कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। तिगरी में गंगा का जलस्तर 199.70 मीटर दर्ज किया गया, यह खतरे के निशान 202 मीटर से 2.30 मीटर दूर है।
बाढ़ खंड विभाग के जेई सुभाष चंद गहलौत ने बताया कि शनिवार को बिजनौर बैराज से गंगा में 6,01,824 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, लेकिन इसके बावजूद गंगा का जलस्तर नहीं बढ़ा। वह एक दिन पहले शुक्रवार को दर्ज किए गए 199.70 मीटर ही रहा। हालांकि, गंगा का जलस्तर भले ही नहीं बढ़ा, लेकिन ओसीता जगदेवपुर के साथ ही खादर के ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हुईं। ओसीता जगदेवपुर के ग्रामीणों को चारा आदि लाने और खेत पर काम करने के लिए पानी भरे मार्ग से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही खेतों में खड़ी फसल जलमग्न होने के कारण नष्ट होने का डर सता रहा है।