एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि 28 अक्तूबर की रात इंस्पेक्टर हरीशवर्धन सिंह के नेतृत्व में दरोगा प्रवीण कुमार, नरेंद्र कुमार, संदीप, विकास चौधरी व विकास दीक्षित गश्त कर रहे थे। इस बीच उन्हें सूचना मिली कि कुछ लोग कार लेकर सीएचसी चौधरपुर के तालाब के पास खड़े हैं जिनके पास फर्जी नंबर प्लेट व फर्जी कागज भी हैं।
इस पर पुलिस मौके पर पहुंची और दो आरोपियों को छह कारों के साथ पकड़ लिया जबकि चार आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम मुरादाबाद के मझोला थानाक्षेत्र के मनोहरपुर निवासी दीनदयाल और अमरोहा के गजरौला थानाक्षेत्र के मझौला निवासी इंतल बताया। पूछताछ के दौरान मुरादाबाद के मझोला क्षेत्र के गिन्नोरदामाफी निवासी नरेंद्र, मंगूपुरा निवासी उमेश, डिडौली के बुढ़नपुर निवासी जीतू और गजरौला के मझोला निवासी अंकित गिरोह में शामिल होना पाए गए।
कार बेचने की फिराक में थे आरोपी
एसपी के मुताबिक सभी आरोपी लोगों से नई कारों को किराये पर लेकर उनकी नंबर प्लेट और फर्जी कागज तैयार करते हैं। बाद में ग्राहक तलाश कर धोखाधड़ी करके बेच देते हैं। मंगलवार रात भी आरोपी कारों को बेचने के लिए आए थे। इस दौरान पुलिस को दो आधार कार्ड की छाया प्रति बरामद हुई। पूछताछ के दौरान बदायूं जनपद के अघैती थानाक्षेत्र के अलीपुरा चाचीपुरा निवासी चंद्रप्रभा का असली आधार कार्ड मिला जबकि चंद्रप्रभा का दूसरा आधार कार्ड फर्जी तैयार किया गया था। फर्जी आधार कार्ड के जरिए लोगों औने-पौने दामों में कार बेचते थे।
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बरामद कारों की कीमत है करीब 65 लाख
एसपी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से बरामद तीन बोलेरो, वलेनों सिग्मा, फ्रोन्क्स, स्कोर्पियो की कीमत करीब 65 लाख रुपये है। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम की सराहना भी की।