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Amroha News: पालिकाध्यक्ष-सभासदों की खींचतान में रुका गजरौला का विकास, बोर्ड की बैठक स्थगित

Fri, 07 Mar 2025 01:39 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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गजरौला (अमरोहा)।
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पालिकाध्यक्ष और सभासदों के बीच चल रही खींचतान ने शहर के विकास का खेल बिगाड़ दिया है। शहर का विकास थम गया है। बृहस्पतिवार को होने वाली बोर्ड की बैठक से अधिकांश सभासदों ने किनारा कर लिया। 25 में से सिर्फ छह सभासद ही बैठक में पहुंचे।
कोरम पूरा न होने के कारण पालिका बोर्ड की बैठक स्थगित करनी पड़ी। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 51 करोड़ 77 लाख 50 हजार रुपये का बजट पास होना था। इस राशि से शहर में विकास कार्य कराए जाने हैं, लेकिन बैठक न होने से बजट पास नहीं हो पाया।
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गजरौला नगर पालिका में 25 सभासद है। बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे सभागार में पालिका बोर्ड की बैठक प्रस्तावित थी। जिसमें नगर पालिका की ओर से सभी सभासदों को बैठक का एजेंडा भेजा गया था। पालिकाध्यक्ष राजेंद्री उर्फ उमा देवी तय समय पर पालिका सभागार में पहुंच गईं। लेकिन, सभागार का नजारा बिल्कुल अलग था। बोर्ड की बैठक में शामिल होने के लिए 25 सभासदों में से छह ही बैठक में शामिल होने पहुंचे। करीब एक घंटे तक अन्य सभासदों के आने का इंतजार किया गया।
पालिका के कर्मचारियों ने सभासदों को फोन पर भी संपर्क किया। किसी ने फोन उठाया नहीं तो किसी ने बैठक में आने से इन्कार कर दिया। अधिकारियों की माने तो यदि 25 में से 13 सभासद बैठक में आते तो शहर के विकास के लिए तैयार एजेंडे पर चर्चा हो पाती। क्योंकि, सभासद आधे से भी कम पहुंचे थे। कोरम पूरा न होने के कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा। पालिका ईओ के प्रतिनिधि आदेश अग्रवाल ने कोरम पूरा नहीं होने पर बैठक नहीं किए जाने की घोषणा कर दी।

यह सभासद बैठक में हुए शामिल
पालिका बोर्ड की बैठक में सभासद कविता देवी, सोनिका सिंह, उर्मिला, सुंदरलाल, कपिल कुमार और वीरेंद्र वर्मा शामिल होने के लिए सभागार में उपस्थित हो गए थे।

बैठक में 13 सभासदों का आना अनिवार्य
ईओ के प्रतिनिधि आदेश अग्रवाल ने बताया कि 25 सभासदों वाली पालिका में पालिका बोर्ड की बैठक के लिए कोरम पूरा होने के लिए कम से कम 13 सभासदों का आना अनिवार्य था। संख्या आधे से भी कम रह जाने के कारण पालिका बोर्ड की बैठक का कोरम पूरा नहीं हो सका। फिलहाल अगली बैठक के लिए तारीख निश्चित नहीं की गई है।

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सभासदों बोले, पिछले साल के कार्यों का हिसाब सार्वजनिक हो
नाराज आठ सभासदों की अगुवाई कर रहे सभासद के पति दिले उर्फ अशाेक चौधरी और देवेश शर्मा ने बताया कि पालिकाध्यक्ष राजेंद्री उर्फ उमा देवी सदन में उनकी बात नहीं सुनतीं। इसलिए वह बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके साथ ही उनकी मांग है कि पिछले सालों में हुए विकास कार्यों का हिसाब या लेखा जोखा सार्वजनिक हो। दो साल में पालिका को करीब 59 करोड़ रुपये मिले। उनमें 12 करोड़ 50 लाख रुपये पालिका के खाते हैं, बाकी को खर्च कर दिया गया। कहां पर खर्च किया गया है, यह बताया जाए। वह भी नगर का विकास चाहते हैं, मगर पालिकाध्यक्ष का निजी विकास नहीं।
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- नगर का विकास मेरी प्राथमिकता हैं। मगर कुछ सभासद नगर का विकास नहीं चाहते। सभासदों की ओर से उनके ऊपर बात नहीं सुनने का आरोप लगाया गया है, जो गलत है। 25 में से सिर्फ छह सभासदों के ही आने पर पालिका की बोर्ड बैठक स्थगित की गई है। जल्द ही बोर्ड बैठक के लिए अगली तारीख तय की जाएगी। - राजेंद्री उर्फ उमा देवी, पालिकाध्यक्ष
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