सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के करीब 28 हजार लोग कोरोना का प्रथम टीका लगने से भी वंचित हैं, जबकि दूसरा टीका महज 44.6 फीसदी लोगों को ही लगा है। उधर ओमिक्रॉन की दस्तक ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी प्रभारी को 25 दिसंबर तक शत प्रतिशत टीकाकरण के निर्देश दिए हैं। प्रथम डोज के टीकाकरण में शिथिलता बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
गजरौला ब्लाक क्षेत्र में एक लाख 74 हजार 991 मतदाता हैं। जिनमें स्वास्थ्य विभाग के दावे के मुताबिक कोरोना का पहला टीका एक लाख 47 हजार 40 लोगों को ही लगा है। ब्लाक के करीब 28 हजार लोग कोरोना का प्रथम टीका लगने से भी वंचित हैं। वहीं दूसरी खुराक के टीकाकरण की हालत और खराब है। यह संख्या एक लाख तक भी नहीं पहुंच पाई है। महज 87495 लोगों का ही दूसरी खुराक से टीकाकरण किया गया। जबकि इस समय कोरोना के साथ ही ओमिक्रान ने भी दस्तक दे दी है। जिससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की नींद उड़ी है। कोरोना की प्रथम डोज से वंचित रह गए 28 हजार लोगों को कोरोना के साथ ही ओमिक्रॉन से बचाना स्वास्थ्य विभाग के लिए टेढ़ी खीर जरूर है। इसी तरह दूसरा टीकाकरण लगन से रह गए 87495 लोगों को स्वस्थ रखना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी प्रभारी डा.योगेंद्र सिंह को 25 दिसंबर तक प्रथम खुराक का टीका लगवाने के निर्देश दिए हैं। टीकाकरण में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उधर सीएचसी के पास 25 टीम हैं। प्रत्येक टीम में एक एएनएम और एक सत्यापन करने वाला। 25 टीम के बूते नौ दिन में 28 हजार लोगों का टीकाकरण किस तरह किया जाएगा, यह बड़ा सवाल है। सीएचसी प्रभारी का कहना है कि 25 टीम तो गांव-गांव जाकर टीकाकरण करेंगी। इसके अलावा सीएचसी पर भी टीके लगाए जाएंगे। उनका दावा है कि नौ दिन में शत प्रतिशत टीकाकरण हो जाएगा।